बड़ी खबर-पोस्टिंग में भाई-भतीजावाद! 5 की जगह 10 सहायक शिक्षकों की हुई नियुक्ति, गड़बड़ी उजागर होने पर मचा बवाल

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युक्तियुक्तकरण की आड़ में खेल (Photo source- Patrika)

Teacher posting irregularities: बिल्हा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी (संकुल अमलडीहा) में 154 छात्रों के लिए कुल 5 सहायक शिक्षकों की पोस्टिंग की जानी थी। मगर युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में अफसरों की लापरवाही और गड़बड़ियों के चलते एकल शिक्षक इस विद्यालय में 10 सहायक शिक्षक भेजे गए।

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अब यहां 11 शिक्षक हो गए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी अतिशेष शिक्षक विवरणिका व रिक्त पदों की सूची पर बिल्हा बीईओ कार्यालय में जब काम चल रहा था, तब जेडी बिलासपुर ने समझाइश भी दी थी। गड़बड़ी सुधार के बावजूद इसमें कोई संशोधन नहीं किया गया। अतिशेष शिक्षकों के लिए काउंसलिंग के दिन दो श़िटों में पहले 157 से 161 तक पांच पद व दूसरे 377 से 381 तक पाँच पद कुल 10 सहायक शिक्षकों को बेलटुकरी भेज दिया गया। इसे लेकर अब विभाग में युक्तियुक्तकरण में इसी तरह की गड़बड़ियाँ सामने आने पर जांच की मांग भी उठने लगी है।

Teacher posting irregularities: कलेक्टर को ज्ञापन सौंप जांच की कर रहे मांग

शिक्षक साझा मंच की संयोजक रेखा तारण ने कहा, जहाँ पर शिक्षक ने काउंसलिंग के आधार पर स्थान चुना था, वहाँ अब जगह ही नहीं बची। यह पूरी प्रक्त्रिस्या पक्षपातपूर्ण और अपारदर्शी रही है। शिक्षक साझा मंच के सदस्यों ने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की जाँच, छात्र दाखिले की संया, रिक्त पदों की सही सूची और अतिशेष शिक्षकों की हस्ताक्षरित अलग सूची शीघ्र प्रकाशित करने की माँग की है।

बिल्हा बीईओ पर कार्रवाई की माग

शिक्षक साझा मंच ने माँग की है कि बिल्हा विकासखंड में हुई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया की प्रथम दृष्टया जाँच, शिकायतकर्ताओं को त्वरित राहत और बिल्हा बीईओ को पद से पृथक किया जाए। यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो शिक्षण व्यवस्था बाधित होने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इधर युक्तियुक्तकरण के बाद शिक्षा विभाग के पास 200 से अधिक शिक्षकों ने दावा-आपत्ति भी की है।

भाई-भतीजावाद की तर्ज पर बनाई सूची

शिक्षक साझा मंच ने इसे लेकर मोर्चा खोल दिया है। जिले के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि वरिष्ठता सूची में हेराफेरी की गई है। गणित विषय के शिक्षकों को काग़ज़ पर विज्ञान का शिक्षकीय पद दिखा दिया गया, जिससे वे सही-सही अपना चयन नहीं कर पाए। परिचय, पहचान व भाई-भतीजावाद की तर्ज पर सूची तैयार की गई, जिससे कई योग्य शिक्षकों का स्थान सीधा प्रभावित हुआ।

स्कूल के प्राचार्यों से जो जानकारी मिली है, उसी के आधार पर सूची बनाई गई है। जिला स्तर पर काउंसलिंग के माध्यम से जगह एलॉट की गई है। आत्मानंद स्कूल के शिक्षकों को इससे दूर रखा गया है। जो जानकारी स्कूल से मिली, उसी के आधार पर युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी की गई है। – सुनीता ध्रुव, बीईओ, बिल्हा।

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