गैस उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर: एलपीजी बुकिंग के बदल गए सारे नियम, अब ऐसे मिलेगी डिलीवरी

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एलपीजी गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। इसी महीने की शुरुआत यानी 1 अगस्त को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 209 रुपये तक की भारी कटौती की थी। इससे पहले एक जुलाई को भी कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में 182 रुपये तक की राहत दी गई थी। हालांकि, आज कीमतों में किसी भी तरह का कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। कॉमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर के दाम अपने पुराने स्तर पर ही पूरी तरह बरकरार हैं।

प्रमुख शहरों में आज के एलपीजी दाम

अगर देश के अलग-अलग हिस्सों की बात करें तो विभिन्न शहरों में गैस के दाम तय किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर, तिरुअनंतपुरम् में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 951 रुपये है।

वहीं दूसरी ओर, कॉमर्शियल सिलेंडर के मोर्चे पर देखें तो नई दिल्ली में इसकी कीमत 3113.50 रुपये और तिरुअनंतपुरम् में कॉमर्शियल सिलेंडर का भाव 3152 रुपये दर्ज किया गया है।

युद्ध के बाद से लगातार बढ़े थे घरेलू गैस के दाम

अगर घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर नजर डालें, तो वैश्विक स्तर पर युद्ध शुरू होने के बाद से इनकी कीमतों में दो बार बढ़ोतरी देखने को मिली है। सबसे पहले मार्च के महीने में कीमतों में उछाल आया था, जब ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने इसके दाम 60 रुपये तक बढ़ा दिए थे। इसके बाद जून के महीने में कीमतों में एक बार फिर से इजाफा किया गया, जिसमें घरेलू सिलेंडर के दाम 29 रुपये तक बढ़ाए गए थे।

बुकिंग के नियमों में किए गए कड़े बदलाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और युद्ध की स्थिति शुरू होने के बाद से सरकार ने एलपीजी बुकिंग के नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सबसे पहले केवाईसी (KYC) को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।

इसके साथ ही सरकार ने ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए 45 दिन का अनिवार्य अंतराल तय कर दिया है, जबकि शहरी इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए यह नियम 25 दिन का कर दिया गया है। तय समय सीमा पूरी होने से पहले अब कोई भी ग्राहक दोबारा बुकिंग नहीं कर सकता है।

कालाबाजारी रोकने के लिए लागू हुई ओटीपी डिलीवरी

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और गैस की कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए अब एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी को भी पूरी तरह ‘ओटीपी आधारित’ (OTP Based) कर दिया गया है। यानी अब बिना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के किसी भी ग्राहक को सिलेंडर की डिलीवरी नहीं दी जाएगी। इन तमाम नए नियमों का मुख्य उद्देश्य गैस वितरण में पारदर्शिता लाना और कालाबाजारी को रोकना है।

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