होटल का कमरा, हाथ में सर्जिकल ब्लेड और सामने मामा, फिर हुआ कुछ ऐसा, महिला की जमानत भी खारिज

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आगरा के इटौरा स्थित होटल में 17 अप्रैल को खिल्लो की हत्या के मामले में आरोपी महिला की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। पुलिस के अनुसार, सर्जिकल ब्लेड से गला काटने और हथौड़ी से हमला करने का आरोप है। महिला ने घटना के बाद खुद होटल काउंटर पर जानकारी दी थी।

Agra: होटल का कमरा, हाथ में सर्जिकल ब्लेड और सामने मामा, फिर हुआ कुछ ऐसा, महिला की जमानत भी खारिज
प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)

Agra: होटल के एक कमरे में रिश्ते के मामा की हत्या के मामले में आरोपी महिला को अदालत से राहत नहीं मिली। जिला जज संजय कुमार मलिक ने महिला की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामला मलपुरा थाना क्षेत्र के इटौरा स्थित एक होटल का है, जहां 17 अप्रैल को खिल्लो की हत्या कर दी गई थी।

होटल के कमरे में शुरू हुआ खूनी खेल

मलपुरा थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अजय ने पुलिस को तहरीर दी थी। उसने बताया कि उसका भाई खिल्लो दिल्ली में नौकरी करता था। 17 अप्रैल को उसने फोन कर घर रुपये भेजने की बात कही थी। इसी दिन परिवार को होटल में उसकी हत्या की जानकारी मिली।

पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक खिल्लो आरोपी महिला का रिश्ते में मामा था। प्राथमिकी के मुताबिक, खिल्लो ने महिला के अश्लील फोटो और वीडियो बना रखे थे। आरोप है कि इन्हीं के जरिए वह महिला को ब्लैकमेल कर उसका शोषण कर रहा था।

मिलने के लिए होटल बुलाया, फिर ब्लेड से काटा गला

पुलिस के मुताबिक, 17 अप्रैल को खिल्लो ने महिला को इटौरा स्थित होटल में बुलाया था। आरोप है कि होटल के कमरे में गलत काम करने की कोशिश के दौरान महिला ने सर्जिकल ब्लेड से खिल्लो का गला काट दिया।

इसके बाद उस पर हथौड़ी से सिर पर वार करने का भी आरोप है। प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि महिला ने खिल्लो की आंखों में मिर्च स्प्रे किया था। इस पूरी घटना के बाद होटल के कमरे में खिल्लो की मौत हो गई।

हत्या के बाद खुद होटल काउंटर पर पहुंची महिला

मामले में एक अहम बात यह सामने आई कि घटना के बाद आरोपी महिला ने खुद होटल के काउंटर पर जाकर घटना की जानकारी दी। इसके बाद होटल कर्मचारियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस ने घटनास्थल की जांच के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया सर्जिकल ब्लेड और हथौड़ी बरामद की थी। मामले में महिला को अभियुक्त बनाया गया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।

अदालत ने क्यों खारिज की जमानत?

मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी महिला की ओर से जमानत की मांग की गई थी। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला जज संजय कुमार मलिक ने आरोपी महिला की जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अभी अदालत में होना बाकी है।

इस मामले में पुलिस की जांच और अदालत में चल रही कार्यवाही के दौरान ही हत्या की पूरी परिस्थितियां और आरोपों से जुड़े तथ्य स्पष्ट होंगे

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