कल से मेरे घर काम पर आना! फिर शुरू होता था गंदा खेल, एक वीडियो से खुला कारोबारी का राज
तमिलनाडु में 80 साल से अधिक उम्र के ग्रेनाइट कारोबारी आर. वीरमणी के खिलाफ पॉक्सो मामले की जांच में पुलिस ने कई पीड़िताओं की पहचान का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, कथित घटनाओं के समय कुछ पीड़िताएं नाबालिग थीं और वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती थीं।
एक 80 साल से अधिक उम्र के ग्रेनाइट कारोबारी के खिलाफ चल रही पॉक्सो जांच में पुलिस ने कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान ऐसी कई पीड़िताओं की पहचान हुई है, जिनके साथ आरोपी ने कथित तौर पर पिछले कुछ वर्षों में यौन शोषण किया। पुलिस का कहना है कि कथित घटनाओं के समय कई पीड़िताएं नाबालिग थीं और वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती थीं।
तमिलनाडु में एक 80 साल से अधिक उम्र के ग्रेनाइट कारोबारी के खिलाफ चल रही पॉक्सो जांच में पुलिस ने कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान ऐसी कई पीड़िताओं की पहचान हुई है, जिनके साथ आरोपी ने कथित तौर पर पिछले कुछ वर्षों में यौन शोषण किया। पुलिस का कहना है कि कथित घटनाओं के समय कई पीड़िताएं नाबालिग थीं और वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती थीं।
काम देने के बहाने शोषण का आरोप
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आया है कि कुछ पीड़िताओं को कथित तौर पर काम पर रखा गया था। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद लंबे समय तक उनका यौन शोषण किया गया। जांच में सामने आई पीड़िताओं के बयान अदालत में दर्ज कराए गए हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामले में और कितनी नाबालिग पीड़िताएं हो सकती हैं और क्या आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले से अलग भी कोई घटना हुई थी।
अदालत ने तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा
मामले में गिरफ्तार जेम ग्रुप के चेयरमैन आर. वीरमणी को एक अदालत ने तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पॉक्सो मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें पुझल सेंट्रल जेल में रखा गया था। आरोपी की उम्र 80 वर्ष से अधिक है और पुलिस के मुताबिक उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए पॉक्सो अदालत ने जांच अधिकारियों को जेल परिसर में ही उनसे पूछताछ करने का निर्देश दिया है।
दो अन्य लोगों की भी हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, वीरमणी के साथ उनके दो सहयोगियों शांति, उम्र करीब 60 वर्ष, और उनके पति महेंद्र सिम्हन, उम्र करीब 63 वर्ष, को भी गिरफ्तार किया गया था। इन तीनों की गिरफ्तारी 2019 में एक नाबालिग लड़की के कथित यौन शोषण से जुड़े मामले में की गई थी। गिरफ्तारी के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
वीडियो क्लिप से शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई, जब जांच टीम को एक वीडियो क्लिप मिली थी। पुलिस का दावा है कि इस वीडियो में आरोपी द्वारा एक नाबालिग लड़की का कथित यौन शोषण दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और उससे जुड़े लोगों तथा संभावित पीड़िताओं के बारे में जानकारी जुटाई। इसी जांच के दौरान कई पीड़िताओं की पहचान होने की बात पुलिस ने कही है।
कोर्ट में दर्ज हुए पीड़िताओं के बयान
जांच के दौरान सामने आई पीड़िताओं के बयान अदालत में दर्ज कराए गए हैं। पुलिस के लिए ये बयान मामले की जांच में अहम माने जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कथित घटनाओं के समय कुछ पीड़िताएं नाबालिग थीं, इसलिए उनके मामलों में पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में उम्र, घटनाओं की परिस्थितियों और आरोपों से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं
पुलिस ने बताया कि जांच में एक पीड़िता के अनुसूचित जाति समुदाय से होने की जानकारी सामने आने के बाद एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी आरोप जोड़े गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस कानून के तहत पीड़िता को निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी होगी। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को जुटा रही है।
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