1500 रुपये की खातिर सगी मां ही बनी सौदागर, 16 साल की मासूम बेटी और बहन को देहव्यापार के धंधे में धकेला
नागपुर के कलमना थाना क्षेत्र के भगत नगर इलाके में क्राइम ब्रांच की सामाजिक सुरक्षा विभाग ने सेक्स रैकेट के एक गैंग का भंडाफोड़ किया है. यहां एक 36 वर्षीय महिला किराए के मकान में अपनी ही 16 साल की नाबालिग बेटी और सगी बहन से देहव्यापार करवा रही थी. पुलिस ने फर्जी ग्राहक भेजकर छापेमारी की और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया.
इंसानियत और मां-बेटी के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया है. जिस मां को अपनी संतान की ढाल बनकर उसकी सुरक्षा करनी चाहिए थी, वही मां अपनी मासूम 16 साल की नाबालिग बेटी को दलदल में धकेल रही थी. इतना ही नहीं, महिला अपनी सगी बहन से भी यह अवैध काम करवा रही थी. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस पूरे मामले का खुलासा किया है
महाराष्ट्र के नागपुर शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और मां-बेटी के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया है. जिस मां को अपनी संतान की ढाल बनकर उसकी सुरक्षा करनी चाहिए थी, वही मां अपनी मासूम 16 साल की नाबालिग बेटी को दलदल में धकेल रही थी. इतना ही नहीं, महिला अपनी सगी बहन से भी यह अवैध काम करवा रही थी. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस पूरे मामले का खुलासा किया है और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है.
यह पूरी घटना नागपुर के कलमना थाना क्षेत्र की है. पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि कलमना के भगत नगर इलाके में स्थित एक किराए के मकान में अवैध गतिविधियां चल रही हैं. सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की सामाजिक सुरक्षा विभाग की टीम ने मामले की गंभीरता को समझा और कार्रवाई की योजना बनाई.
पुलिस ने सूचना की पुष्टि करने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की. टीम ने एक बोगस यानी फर्जी ग्राहक को तैयार किया और उसे उस किराए के मकान में महिला के पास भेजा. फर्जी ग्राहक ने मकान में पहुंचकर महिला से बातचीत की. बातचीत के दौरान महिला ने सेक्स रैकेट के लिए 1500 रुपये में सौदा तय किया. जैसे ही सौदा पक्का हुआ और नाबालिग लड़की को कमरे में भेजा गया, वैसे ही फर्जी ग्राहक ने बाहर तैनात पुलिस टीम को इशारा कर दिया.
किराए के मकान में चल रहा था अवैध धंधा
इशारा मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर छापा मारा. अचानक हुई इस छापेमारी से वहां हड़कंप मच गया. जब पुलिस ने कमरे के भीतर जाकर जांच की, तो सामने आई सच्चाई ने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया. जांच में पता चला कि जिस लड़की को कमरे में भेजा गया था, वह कोई और नहीं बल्कि आरोपी महिला की अपनी ही 16 साल की नाबालिग बेटी थी.
इसके साथ ही मकान में एक और महिला मौजूद थी. पूछताछ और जांच के दौरान खुलासा हुआ कि वह महिला आरोपी की सगी बहन है. आरोपी मां अपनी नाबालिग बेटी और अपनी सगी बहन दोनों को इस अवैध धंधे में धकेल चुकी थी और किराए के मकान से ही पूरा नेटवर्क चला रही थी. पुलिस ने मौके से कार्रवाई करते हुए नाबालिग पीड़िता और आरोपी की बहन दोनों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार की गई आरोपी महिला की उम्र लगभग 36 साल है. वह मूल रूप से पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की रहने वाली है और बीते कुछ समय से नागपुर के कलमना इलाके में किराए का मकान लेकर रह रही थी. महिला का पति कलमना मार्केट में बोरिया उठाने और मजदूरी का काम करता है. महिला के कुल तीन बच्चे हैं, जिनमें से एक यह 16 वर्षीय नाबालिग पीड़िता भी शामिल है. घर की आर्थिक स्थिति और पारिवारिक माहौल की आड़ में महिला इस अवैध काम को अंजाम दे रही थी.
छापेमारी के बाद पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कलमना थाना पुलिस के हवाले कर दिया है. आरोपी महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
मौके पर छापा मारते ही खुली आरोपी मां की पोल
वहीं रेस्क्यू की गई नाबालिग लड़की के मामले में पुलिस बाल कल्याण समिति और नियमानुसार आगे की सुरक्षात्मक तथा कानूनी कार्रवाई कर रही है. पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है ताकि उसे उचित देखभाल और काउंसलिंग मिल सके. नागपुर पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस धंधे में कोई और लोग भी शामिल थे या नहीं. इस घटना के सामने आने के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग हैरान हैं कि एक मां अपने फायदे के लिए अपनी ही औलाद के साथ ऐसा कदम कैसे उठा सकती है.
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