विदेशियों को ठगने का अड्डा बनता जा रहा है देहरादून,4 आरोपी गिरफ्तार

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राज्य में साइबर क्राइम को लेकर के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं और ऐसा दिखा जा सकता है कि राजधानी देहरादून में साइबर फ्रॉड मामले दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं और इनकी धरपकड़ और छापामारी के लिए एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस के द्वारा लगातार कोशिश जारी है । देहरादून विदेशियों को ठगने का अड्डा बनता जा रहा है। उत्तराखंड में साइबर ठगी के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। मासूम लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी गंवा दी। लगातार पुलिस भी लोगों को सतर्क रहने और अपने बैंक डीटेल किसी से शेयर न करने की अपील करती आ रही है लेकिन जाने अनजाने में लोग गलती कर रहे हैं।उत्तराखंड में एसटीएफ और पुलिस ने अब तक कई ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पटेलनगर समेत, सहस्त्रधारा रोड़ और बसंत विहार क्षेत्र में भी ऐसे ही गिरोह का भंडाफोड़ एसटीएफ और पुलिस ने किया था। वहीं ऐसा ही मामला सामने आया और एसटीएफ समेत पुलिस की संयुक्त टीम ने रेड मारकर विदेशियों को ठगने वाले गिरोह के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

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एक बार फिर से STF और साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. देहरादून के इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पार्क (IT park) से संचालित हो रहे साइबर फ्रॉड नेटवर्क का संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ किया है. मामले में छापेमारी में साइबर क्राइम गिरोह के 4 सदस्यों की गिरफ्तारी की गई है. वहीं, गिरोह में 18 सदस्यों के होने की खबर है।आरोप है कि ये गिरोह देश के साथ-साथ विदेशी लोगों को भी अपना शिकार बना चुके हैं. ये लोग कस्टम अधिकारी बनकर लोगों से उनके सामान को कस्टम से छुड़ाने के नाम पर साइबर ठगी का काम करते थे। बता दें कि ये गिरोह अमेरिकन और यूएस के नागरिकों को कस्टम अधिकारी बनकर साइइबर फ्रॉड करते थे। टीम ने इस गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जानकारी मिली है कि सभी आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं। और इस गिरोह में 18 लोगों के होने की सूचना है। जिसमे से 14 लोग फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।

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