एलपीजी सप्लाई पर मंडराया संकट! क्या सिलेंडर के दाम फिर होंगे आसमान के पार?

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देशभर में रसोई गैस का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि आज 17 जुलाई 2026 को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक, गैस सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। लेकिन क्या यह राहत लंबे समय तक रहने वाली है? अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर तेल और गैस की सप्लाई चेन को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

स्थिर हैं दाम, लेकिन सप्लाई पर मंडरा रहा खतरा

फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर 942 रुपये और 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 2930 रुपये में मिल रहा है। नोएडा और गाजियाबाद में घरेलू सिलेंडर 939.50 रुपये का है। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत अन्य शहरों में भी कीमतें वही हैं जो पिछले दिनों थीं। हालांकि, चिंता का विषय यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का करीब 90 फीसदी हिस्सा ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) के रास्ते मंगाता है। हालिया सैन्य तनाव के चलते इस महत्वपूर्ण रास्ते से सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है।

क्या फिर से होगा सिलेंडर महंगा?

याद दिला दें कि मार्च से मई 2026 के बीच जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा था, तो भारत में गैस की भारी किल्लत हो गई थी। तब एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग गई थीं और लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उस दौरान तेल कंपनियों को हर सिलेंडर पर 500 से 700 रुपये का तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा था। ऐसे में जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक ऊपर बने रहे, तो सरकार के सामने दो ही रास्ते होंगे—या तो सब्सिडी बढ़ाई जाए या फिर आम जनता पर महंगाई का बोझ डालते हुए सिलेंडर के दाम बढ़ाए जाएं।

अलग-अलग शहरों में आज के भाव (रुपये में)

  • दिल्ली: घरेलू 942 / कमर्शियल 2930
  • मुंबई: घरेलू 941.50 / कमर्शियल 2885.50
  • कोलकाता: घरेलू 968 / कमर्शियल 3082
  • चेन्नई: घरेलू 957.50 / कमर्शियल 3106
  • चंडीगढ़: घरेलू 951.50 / कमर्शियल 2954.50
  • हैदराबाद: घरेलू 934 / कमर्शियल 2052.50

फिलहाल सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां वैश्विक स्थितियों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। हालांकि अभी कीमतें स्थिर हैं, लेकिन भविष्य में वैश्विक तनाव के चलते रसोई का बजट प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।