सवर्णों के लिए बने केंद्रीय आयोग… मांग को लेकर कई मंत्रियों से मिले BJP के सांसद

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बीजेपी सांसदों का कहना है कि जब देश में SC, ST और OBC से जुड़े आयोग बने हुए हैं तो देश में सवर्ण आयोग क्यों नहीं है. सांसदों की मांग है कि जल्द से जल्द आयोग का गठन किया जाए.

सवर्णों के लिए बने केंद्रीय आयोग... मांग को लेकर कई मंत्रियों से मिले BJP के सांसद
सांकेतिक तस्वीर

विधानसभा चुनाव में अभी कई महीने बचे हैं. लेकिन प्रदेश की सियासत जोरों पर है. यहां के चुनाव को लेकर दिल्ली में भी हलचल देखी जा रही है. अब केंद्र में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कुछ सांसदों की ओर से केंद्रीय सर्वण आयोग मनाने की मांग की गई है.खबर उत्तर प्रदेश की है

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सवर्ण आयोग बनाने की मांग को लेकर बीजेपी के कुछ सांसदों ने कई वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की भी है. हालांकि सवर्ण आयोग के गठन की मांग करने वाले बीजेपी के सांसदों के नामों का खुलासा नहीं हो पाया है.

चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक दांव

अगड़ी जाति से जुड़े लोगों के लिए अलग से आयोग बनाने की मांग को अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बड़ा राजनीतिक दांव माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि यूजीसी गाइडलाइन की वजह से खफा सवर्णों की नाराजगी दूर करने को लेकर यह कवायद मानी जा रही है.

बीजेपी सांसदों का कहना है कि जब देश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े आयोग बने हुए हैं तो देश में सवर्ण आयोग क्यों नहीं है. सांसदों की मांग है कि जल्द से जल्द आयोग का गठन किया जाए.

पिछड़े-गरीब सवर्ण लोगों को भी मिले आरक्षण

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी सांसदों का यह तर्क भी है कि सवर्ण आयोग बनने से देश के सवर्ण बिरादरी में अच्छा संदेश जाएगा. उनका कहना है कि सवर्ण बिरादरी में भी आर्थिक आधार पर पिछड़े और गरीब लोगों के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाए और इसे बेहतर तरीके से लागू किया जाए.

सांसदों का कहना है कि सवर्णों के साथ लंबे समय से चले आ रहे अन्याय को दूर करने के लिए केंद्रीय सवर्ण आयोग का गठन किया जाए. आयोग बनाए जाने को लेकर उनका यह तर्क भी है कि जब बिहार में सवर्ण आयोग बना है, तो पूरे देश में क्यों नहीं बनाया जा सकता.

अपनी इस मांग को लेकर बीजेपी के कुछ सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और पूर्व बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात भी की है. इससे पहले पिछले दिनों अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद ने राष्ट्रपति से सवर्ण आयोग के गठन की मांग की थी.

आनंद प्रकाश पांडेय

दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद 2005 में टीवी पत्रकारिता में कदम रखा. वो सफर अब टीवी9 भारतवर्ष तक पहुंच गया है. राजनीतिक लोगों और राजनीतिक खबरों में रूचि है. भले ही पद एडिटर, नेशनल अफेयर्स का है पर अभी भी खुद को नौसिखिया ही मानता हूं और इसलिए सीखने का क्रम अनवरत जारी है…

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