कैप्टन अमरेंद्र का हरीश को यह जवाब* जो बोओगे वही तो काटोगे*

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हल्द्वानी एसकेटी डॉटकॉम

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वर्ष 2022 में उत्तराखंड में कांग्रेस के चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट किए जाने की मांग को हाईकमान द्वारा अनदेखा किए जाने के बाद हरीश रावत द्वारा जो ट्वीट किया गया उसमें उन्होंने कहा कि की चुनावी समुद्र जिसमें उन्हें तैरना है उसमें सत्ता के द्वारा बड़े-बड़े मगरमच्छ छोड़े हैं और इन मगरमच्छों के अनुसार ही इस समुद्र में तैरना है और यही लोग उनके इस चुनावी समुद्र को पार करने में उनके हाथ-पांव बांध रहे हैं।

इसके अलावा अगले ट्वीट में उन्होंने कहा कि नए साल में भगवान केदारनाथ उन्हें नया मार्गदर्शन देंगे इस पूरे प्रकरण पर पंजाब के मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि जो बोलोगे वही तो काटोगे उनका इशारा हरीश रावत के उस भूमिका की ओर था जिस को उन्होंने पंजाब के प्रभारी रहते हुए निभाया इस पूरे प्रकरण में वह सिद्धू का साथ निभाते हुए नजर आ रहे थे जिससे कैप्टन की आसमय ही विदाई हो गई।

वर्ष 2022 के पहले तिमाही में पंजाब और उत्तराखंड मैं आम चुनाव हो जाने हैं जिसके लिए हरीश रावत कशमकश की भूमिका में फस गए हैं उनका आरोप है कि हाईकमान द्वारा भेजे गए नुमाइंदे उन्हें स्वतंत्र रूप से कार्य करने से रोक रहे हैं ऐसी नियुक्तियां संगठन और चुनाव अभियान में की जा रही है जो उत्तराखंड में कांग्रेस को सत्ता में लाने के बजाय पटरी से उतार रहे हैं।

बात दे किकांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य हरीश रावत 2022 के उत्तराखंड चुनावों के लिए पार्टी का चेहरा हैं। कुछ समय पहले तक, वह पंजाब में पार्टी के मुख्य संकटमोचक भी थे, जो अमरिंदर सिंह बनाम नवजोत सिंह सिद्धू के विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे।


सितंबर में, कांग्रेस सिद्धू का साथ देते हुए अमरिंदर सिंह को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से हटा दिया था, इसमें रावत को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देखा गया था, जिसके बाद अमरिंदर सिंह ने पार्टी छोड़ दी थी और अपनी पार्टी शुरू की। इसके कुछ दिनों बाद ही हरीश रावत ने अपनी पंजाब में भूमिका से मुक्त होने के लिए कहा था ताकि वे अपने गृह राज्य उत्तराखंड पर ध्यानदेना चाहते है।

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