दुःखद( ब्रेकिंग)-चौखुटिया घूमने आए हल्द्वानी की युवक की नदी में डूबने से मौत

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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। दोस्त के साथ हल्द्वानी से चौखुटिया घुमने आए एक युवक की अगनेरी के निकट रामगंगा नदी में नहाते समय डूबने से मौत हो गई है। पुलिस ने  शव का पंचनाम भर रानीखेत में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है l युवक की मौत से क्षेत्र में शोक छा गया है।
मिली जानकारी के अनुसार पारस अधिकारी (22) पुत्र लालसिंह अधिकारी हाल निवासी कुसुमखेड़ा हल्द्वानी वहीं पड़ोस में  रहने वाले चौखुटिया के रीठाचौरा निवासी पुजारी परिवार से जुड़े दिनेश चंद्र जोशी के बेटे योगेश जोशी के साथ सोमवार को चौखुटिया घुमने आया था। हल्द्वानी से चौखुटिया पहुंचने के बाद दोनों सोमवार को योगेश की नानी के घर बौरागांव चले गए। मंगलवार को दोनों सुबह करीब दस बजे अगनेरी मंदिर से कुछ दूरी पर पानी की टंकी के ठीक सामने रामगंगा नदी में नहाने लगे। इसी दौरान पारस नदी के गहरे छोर में जाकर डूब गया। उसके साथ नहा रहे योगेश ने किसी तरह उसे बेहोशी की हालत में पानी से बाहर निकाल लिया।


उसे तुंरत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके इस तरह से मौत होने से उसके साथी योगेश के हाथ पांव भी फूल गए। बाद में मंदिर में पूजा कर रहे योगेश के पिता दिनेश जोशी व अन्य लोग भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए रानीखेत भेजा गया।
चिकित्सक डा.जितेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक की मौत हो चुकी थी। इधर थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने बताया कि मृतक पारस का रानीखेत में पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है l


चौखुटिया (अल्मोड़ा)। नहाने से पहले पारष ने नदी की पृष्ठभूमि में फोटो भी खिंचवाई परंतु पारस को क्या पता था कि रामगंगा में नहाने से चंद मिनट पहले मोबाइल से खींची गई उसकी फोटो उसके जीवन की आखिंरी फोटो होगी। तीन भाईयों में सबसे बड़े पारस को लेकर उसके परिजनों ने न जाने कितने सपने संजोए थे जो नदी की गहरी जलधारा के बीच दफन हो गए।
हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा में आरके टेंट गली में किराए के मकान में रहने वाले पारस के पिता लालसिंह अधिकारी हल्द्वानी में टेंपों चलाते हैं। वे मूल रूप से ताड़ीखेत के धूरा बैना गांव के रहने वाले बताए गए हैं। हल्द्वानी में ही उनसे कुछ दूरी पर चौखुटिया के पुजारी परिवार से जुड़े दिनेश जोशी भी रहते हैं। चैत्राष्टमी मेले के चलते दिनेश जोशी चार दिन पहले ही चौखुटिया पहुंचे हैं।


इधर दिनेश जोशी का बेटा योगेश भी अपने दोस्त पारस को चौखुटिया घुमाने के लिए सोमवार को चौखुटिया पहुंचा था। मंगलवार को नदी में नहाने से पहले दोनों ने प्राकृतिक छटा को निहारते हुए नदी किनारे फोटो भी खींची। विधि के आगे

सभी आगे सभी लाचार हैं पारस को क्या पता था कि मौत से चंद मिनट पहले नदी किनारे खींची गई उसकी वह फोटो उसके जीवन की आखिरी फोटो होगी।


पारस अपने तीन भाईयों में सबसे बड़ा था उसका एक भाई आशीष बारहवीं व दूसरा भाई करन हल्द्वानी में ही नवीं कक्षा में पढ़ता है। बड़ा बेटा होने के कारण उसके माता पिता ने पारष को लेकर बड़े सपने संजोए थे परंतु सारे सपने रामगंगा की जलधार में समाकर नेस्तानाबूत हो गए है। पारस ने इंटर करने के बाद एक फार्मा कंपनी में  बतौर ‌डिलीवरी ब्वाय कार्य भी किया था। बाद में उसने यह कार्य भी छोड़ दिया।
घटना के बाद से पारष का दोस्त योगेश भी गहरे सदमे में है। जबकि पारष के परिवार में मातम छा गया है। इस घटना के बाद क्षेत्रवासी भी बहुत व्यथित व दुखी हैं।

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