भाजपा डैमेज कंट्रोल – दिन में दहाड़ा शाम को भाजपा के अरण्य में छिपा गजराज

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हल्द्वानी एसकेटी डॉट कॉम

कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय ताल ठोकने वाले पूर्व प्रदेश महासचिव एवं मंडी परिषद के अध्यक्ष गजराज बिष्ट आखिरकार भाजपा की डैमेज कंट्रोल के तहत वापस पार्टी के खेमे में चले गए। अपने नामांकन वापस करने के फैसले के दौरान एक शेर पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहां दम था मेरी किश्ती वहां डूबी जहां सबसे कम पानी था। इस अवसर पर बहुत ही भावुक होते हुए उन्होंने अपना नामांकन वापस करने की घोषणा की।

इससे पूर्व कुसुम खेड़ा के मीराज वेंकट हॉल में उन्होंने पार्टी पर छल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए वह यह चुनाव लड़ रहे हैं तथा किसी भी कीमत पर वह अब चुनाव से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी युवा को आगे बढ़ाया जाता तो उन्हें खुशी होती चाहे इसके लिए कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत के बेटे को ही टिकट दे दिया जाता लेकिन पार्टी ने अपने सारे वसूलू और कानूनों को ताक पर रखकर कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत को टिकट दे दिया जिससे वह आहत ही नहीं पार्टी ने उनकी और नफरत के भाव से देखा है।

आज सुबह वह जिस रौद्र रूप में देख रहे थे उससे यह कतई भी नहीं लग रहा था कि वह पार्टी कि इस तरह के दबाव में आ जाएंगे। उन्होंने कहा था कि वह 20 वर्ष के युवा लोगों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं उन्होंने बंशीधर पर भी भारी कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने कालाढूंगी के विकास के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों को सफल नहीं होने दिया क्योंकि वह क्षेत्र के विधायक थे उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी कोटाबाग के पैराग्लाइडिंग के लिए चयनित क्षेत्र के निरीक्षण के लिए भी नहीं आने दिया।

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