बड़ी कार्रवाई! उत्तराखंड में 179 मदरसे बंद, बच्चों का रिकॉर्ड गायब?जानिए अपने जिला का हाल!

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मदरसा बोर्ड को लेकर धामी सरकार की सख्ती के बाद प्रदेश के मदरसों में हड़कंप मचा हुआ है। इसी बीच अब उत्तराखंड में मदरसों को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हो गई है। राज्य में एक दो नहीं बल्की पूरी 179 मदरसों पर ताले जड़ दिए गए हैं।

उत्तराखंड में 179 मदरसे बंद

दरअसल राज्य में एक-एक करके 179 मदरसों पर ताले लटक गए हैं। सिर्फ हरिद्वार जिले से 102 मदरसों के बंद होने की रिपोर्ट सामने आई है।

सभी जगहों के आंकड़ों को देखा जाए तो

  • हरिद्वार – 102 मदरसे बंद
  • ऊधमसिंह नगर – 55 मदरसे बंद
  • देहरादून – 12 मदरसे बंद
  • नैनीताल – 10 मदरसे बंद हुए

मान्यता के लिए 134 मदरसों ने शिक्षा विभाग के पोर्टल पर किया आवेदन

दरअसल उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड के भंग होने के बाद ये आंकड़ा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि प्रदेश के चार बड़े जिलों से मिली रिपोर्ट के मुताबिक अब तक राज्य में 134 मदरसों ने शिक्षा विभाग के पोर्टल पर मान्यता के लिए आवेदन किया है। इनमें से 65 मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता मिल चुकी है। 35 मदरसों को अल्पसंख्यक शिक्षा प्रधिकरण भी मान्यता दे चुका है। वहीं 30 की फाइलों पर प्रक्रिया चल रही है।

पुराना मदरसा बोर्ड भी खत्म

मीडिया रिपोर्ट्स ये भी कहती हैं कि हो सकता है मदरसों के बंद होने का ये आंकड़ा आगे और बढ़े। बता दें कि 1 जुलाई को धामी सरकार ने पुराना मदरसा बोर्ड भंग कर दिया है। 1 जुलाई से पहले प्रदेश में 452 मदरसे पुराने बोर्ड से मान्यता प्राप्त थे।
लेकिन अब नियम बदल चुके हैं नई व्यवस्था के तहत मदरसों को अब शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से नई मान्यता लेनी होगी। जिसके बाद से अब हर मदरसे का फिजिकल वेरिफिकेशन हो रहा है। टीम मौके पर जदा रही है और देख रही है कि मदरसा असल में चल भी रहा है। वहां कितने बच्चे हैं और क्या संचालक ने नई मान्यता के लिए अप्लाई किया है या नहीं।

179 मदरसों के बंद होने का ये आंकड़ा सिर्फ चार जिलों से

179 मदरसों के बंद होने का ये आंकड़ा अभी सिर्फ चार जिलों से आया है उत्तराखंड में अभी 9 जिलों की रिपोर्ट आनी बाकी है जिससे ऐसा लग रहा है कि आने वाले वक्त में ये आंकड़ा बढ़ सकता है। हालांकि इन आकड़ों से एक बात तो साफ है कि राज्य सरकार उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता और पंजीकरण को लेकर लगातार सख्त कदम उठा रही है।

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