सावधान! पेट्रोल पंप जाने से पहले जरूर पढ़ लें यह खबर, वरना जेब पर पड़ेगा भारी असर

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आज रविवार 9 अगस्त को भी देश की तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई फेरबदल नहीं किया है। यानी आज भी ईंधन के दाम अपने पुराने स्तर पर ही बने हुए हैं। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में कच्चे तेल (Crude Oil) के भाव में शुक्रवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जिसके बाद यह बढ़कर 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। इस समय पूरी दुनिया की निगाहें ईरान और ओमान के बीच चल रही डील पर टिकी हुई हैं। जानकारों का मानना है कि जब तक रणनीतिक रूप से बेहद अहम ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) की स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती, तब तक कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रह सकते हैं और इसकी वैश्विक आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

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ईरान-ओमान समझौते पर टिकी दुनिया की निगाहें

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीते शुक्रवार को ओमान और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर बड़ा अपडेट सामने आया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच के हालात बहुत जल्द सामान्य हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता भी देखने को मिल सकता है। आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों से चल रहे भयंकर युद्ध और तनाव की वजह से तेल के निर्यात पर बहुत बुरा असर पड़ा था, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा गया था।

तिरुवनंतपुरम और अन्य प्रमुख शहरों के हाल

देश के विभिन्न हिस्सों में ईंधन की कीमतें स्थानीय करों (VAT) और परिवहन खर्च के कारण अलग-अलग हैं। उदाहरण के तौर पर, प्रमुख शहरों में वाहन ईंधन स्थिर बना हुआ है:

  • तिरुवनंतपुरम में पेट्रोल: ₹114.80 प्रति लीटर
  • तिरुवनंतपुरम में डीजल: ₹103.64 प्रति लीटर

घरेलू बाजार में कब बढ़े थे आखिरी बार दाम?

अगर घरेलू बाजार की बात करें, तो यहां पेट्रोल और डीजल के दाम में आखिरी बार बड़ा इजाफा 25 मई को दर्ज किया गया था। उस दौरान 15 मई से 25 मई के बीच तेल कंपनियों ने कुल 4 बार कीमतों में बढ़ोतरी की थी। इन लगातार बढ़ोतरी के बाद घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के रेट 7.5 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो गए थे।

खास बात यह है कि साल 2022 के बाद यह पहला मौका था जब तेल कंपनियों ने घरेलू स्तर पर ईंधन के दाम में इस तरह का बड़ा इजाफा किया था। हालांकि, अगर दुनिया के दूसरे देशों से तुलना की जाए, तो भारत में अभी भी पेट्रोल और डीजल के दाम कई अन्य देशों के मुकाबले नियंत्रण में माने जा रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की स्थिति

मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के हालातों ने वैश्विक बाजार को हिलाकर रख दिया है। एक वक्त ऐसा भी दौर आया था जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव आसमान छूते हुए 110 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को भी पार कर गया था। यही वजह है कि घरेलू बाजार में तेल कंपनियां वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर बनाए रखती हैं ताकि आम जनता और अर्थव्यवस्था पर इसका कम से कम असर पड़े।

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