यहां द्वाराहाट के मटेला गांव में हरज्यू की धूनी (मंदिर) में बैसी से भक्तिमय माहौल
हजारों की संख्या में पहुँच रहे हैं हरज्यू एवम गुरु गोरक्षनाथ के भक्त , 28 को विशाल भंडारा
द्वाराहाट (मटेला/पाली पछाऊँ)
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट क्षेत्र के तल्ला दौरा एवं पाली पछाऊं के मटेला गांव में इन दिनों हरज्यू की बैसी का आयोजन चल रहा है

बैसी का आयोजन होने से गांव के साथ ही आसपास के क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है । गांव की विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवासी की तौर पर रहने वाले लोग बड़े गांव पहुंच रहे हैं तथा आसपास के गांव के लोग भी बड़ी संख्या में आकर इस अद्भुत महायज्ञ में प्रतिभाग कर आशीर्वाद ले रहे हैं ।
जानकारी के अनुसार हर बार गांव में 22 दिन की वैसी होती थी लेकिन इस बार अधिकमास में समय नहीं मिलने के कारण 11 दिन की वैसी का आयोजन किया जा रहा है ।।
11 दिन की बैसी में सैकड़ो की संख्या में हरज्यू के अनुयाई उमड़ कर गांव पहुंच रहे। देश के कौन-कौन से के भक्ति आशीर्वाद लेने के लिए माटेला गांव में पहुंचे हैं। 18 जून से 28 जून तक आयोजित होने वाले इस महायज्ञ में प्रतिदिन से कई गुना की संख्या में श्रद्धालुओं को गांव की मंदिर कमेटी के द्वारा तीनों समय का भोजन भी कराया जा रहा है।
जब से गांव में बैसी शुरू हुई है तब से लगातार लोग यहां पहुंच कर श्रद्धा अनुरूप अपना शीश झुकाकर हरज्यू सैम जी गवेल्ज्यू और भंडारी बाबा से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

गांव में मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद मंदिर की प्रतिष्ठा के साथ ही 11 दिवसीय बैसी का भी आयोजन किया गया।

गुरु गोरखनाथ के शिष्य कहलाने वाले राजा हरज्यू जिन्होंने हरिद्वार की स्थापना की थी सबसे बड़ी बात यह है कि हर की पैड़ी भी हरज्यू के नाम से ही जानी जाती है। राजा हरज्यू एक लोक कल्याणकारी राजा और सिद्ध योगी के रूप में विख्यात रहे हैं । अपने शासन के दौरान उन्होंने लाखों लोगों की मदद की तरह न्याय दिलाया। उन्होंने ने अपनी दिव्य शक्ति की वजह से कई बड़े-बड़े शक्तिशाली राजाओं के सेनापतियों को अपने पक्ष में कर लिया । शक्तिशाली सेनापतियों के माध्यम से कई क्रूरूर लोगों को दंड भी दिया उनकी इस सिद्ध शक्ति की वजह से लोगों ने आज भी बड़ी श्रद्धा से याद करते हैं ।
उत्तराखंड देवभूमि है यहां पर हमेशा देवताओं की पूजा की जाती है यहां के लोगों को हमेशा देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त रहता है इसलिए यहां पर हमेशा गुरु गोरखनाथ , हरज्यू ,कत्यूरी, गवेल्ज्यू हाट कालिका, की पूजा होती रहती है। शक्ति और सिद्ध पंथ के अनुयायी लोग अपने-अपने लोक देवताओँ की पूजा करते हैं सिद्धयोगी के रूप में राजा हरिश्चंद्र (हरज्यू )ने अपना जीवन बताया उनका जीवन हमेशा लोक कल्याण लोकल मंगल तथा अपने कठिन तप से सिद्ध राजा के रूप में बिताने का वर्णन मिलता है
वीर समिति की ओर से बताया गया है कि 28 जून को विशेष महा भंडार जिसमें लगभग अगल-बगल के डेट दर्शन से अधिक ग्राम सभाएं प्रतिभा करेंगे इसके अलावा सभी महादेव गुरु गोरखनाथ और अर्जुन को मानने वाले लोगों से इस महायज्ञ में प्रतिभा करने का अनुरोध किया है आजकल 24 जून के बाद लगातार जागर का आयोजन किया जा रहा है तथा हरज्यू के मुंडे गांव में भिक्षा लेकर पहुंच रह 24 तारीख के बाद लगातार यात्रा का आयोजन किया जा रहा है तथा। हरज्यू के मुंडे गांव में भिक्षा लेकर पहुंच रहे हैं 27 जून को रात्रि में गांव के लोगों को बुरी आत्माओं छल छिद्र बचाने के लिए उनके घरों में महादेव का तिमूर सोटा मुंडो द्वारा रोपित किए जाएंगे। 28 जून को विशाल भंडारा किया जाएगा।
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