नवागत निदेशक पशुपालन कर्नाटक बोले- पशु पालकों को उपचार के लिए घर पर ही मिलेंगी सुविधाएं

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हलद्वानी एस केटी डॉट कॉम

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नवागत निदेशक पशुपालन विभाग डॉ बी सी कर्नाटक ने कार्यवाहक ग्रहण करने के बाद हल्द्वानी में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि आनेवाले ढाई वर्षो में लोगों को सड़कों पर आवारा सांड घूमते हुए नहीं दिखाई देंगे इसके लिए विभाग अब लगातार कार्रवाई कर रहा है ऐसी प्रजनन नीति अपनाई जा रही है जिससे 90% से अधिक मादा बच्चे की पैदा होंगे इस प्रणाली लिंग वर्गीकृत वीर्य के माध्यम से लोगों को अब सड़कों पर आवारा सांड देखने को नहीं मिलेंगे तथा 90% से अधिक मादा बच्चे ही पैदा होंगे जिससे किसान दूध का उपयोग करेंगे और उन्हें आवारा नहीं छोड़ेंगे

डॉक्टर कर्नाटक ने कहा कि लंपि स्किन डिसीसिस के समूल नाश के लिए प्रदेश भर में सभी पशुओं को टीकाकरण किया जा रहा है जिससे यह बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी

उन्होंने यह भी कहा है 60 विकास खंडों में सचल पशु चिकित्सा वाहन भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं तथा वह घर-घर जाकर पशुपालकों को उनके जानवरों के बीमार होने पर उपचार उपलब्ध कराएंगे शेष 35 विकास खंडों में जल्द ही यह सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी

जन औषधि केंद्रों के माध्यम से पशुओं के उपचार के लिए जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध करने की कार्यवाही की जा रही है इसके अलावा अनुसूचित जाति और जनजाति तथा आर्थिक रूप से कमजोर पशुपालकों को वोट वैली पोल्ट्री वैली गोपालन योजना बकरी पालन योजना और कुक कुक्कुट पालन से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसके अलावा पशुधन बीमा योजना का भी संचालन हो रहा है जिसमें 80% प्रीमियम सरकार पालन योजना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है इस अवसर पर पशुपालन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे

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