AdityaL1Launch: भारत की एक और बड़ी उपलब्धि, आदित्य एल 1 सफलता पूर्वक लॉन्च

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चंद्रयान-3 के बाद इसरो ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगा ली है। इसरो ने आदित्य एल 1 मिशन को सफलता पूर्वक लॉन्च कर दिया है। आदित्य एल 1 मिशन आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लांच किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों के साथ कई बड़े नेता और अन्य लोग वहां पर मौजूद थे।

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127 दिन बाद L1 POINT पर पहुंचेगा
आदित्य एल1 मिशन के लॉन्च के बाद सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में तालियां बजने लगीं। लॉन्चिंग के 127 दिनों बाद यह अपने पॉइंट L1 तक पहुंचेगा। इस पॉइंट पर पहुंचने के बाद Aditya-L1 बेहद अहम डेटा भेजना शुरू कर देगा। लॉन्च होने के बाद 16 दिनों तक आदित्य-L1 धरती के चारों तरफ चक्कर लगाएगा, इस दौरान पांच ऑर्बिट मैन्यूवर होंगे, ताकि सही गति मिल सके।

क्यों खास है AdityaL1Launch
भारत के लिए तो आदित्य इसलिए खास है, क्योंकि इसे पूरी तरह भारत में डिजाइन किया गया है, यहां तक इसमें लगे 7 पेलॉर्स लगे हैं, जिसमें 6 भारत में ही बना हैं। इसके साथ ही भारत ने पहली बार स्पेसक्राफ्ट बनाया है, जो हर वक्त सूर्य की तरफ देखेगा और चौबीस घंटे आग की तरफ देखेगा. दरअसल, सूर्य और पृथ्वी के बीच एक ऐसी जगह आती है, जहां दोनों की एनर्जी का असर रहता है और वो अपनी ओर खींचते हैं।

खास तरह से किया है डिजाइन
ऐसे में इस जगह कोई भी चीज वहीं रहती है, लेकिन यहां लंबे समय तक रुकना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में इसे खास तरह से डिजाइन किया गया है और खास मैकेनिज्म से उसे वहां बनाए रखने के लिए तैयार किया गया है। ये सूर्य के ज्यादा करीब नहीं जाएगा, लेकिन Lagrange पॉइंट पर रहेगा और सूर्य पर रिसर्च करेगा। आदित्य एल-1 एक तरीके से अंतरिक्ष दूरबीन है, जो खास तरह से अंतरिक्ष में काम करेगा।