बारातियों की बात मानना पड़ा भारी, अनफिट, ओवरलोडेड बस ऐसे गिरी खाई में

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पौड़ी के रिखणींखाल में हुए हादसे की वजहें शुरुआती तौर पर सामने आ गईं हैं। शुरुआती तौर पर बताया जा रहा है कि बस की कमानी का पट्टा टूटने से ये हादसा हुआ है। वहीं इस हादसे में मरने वालों का आंकड़ा 32 हो गया है। 20 लोग घायल हैं। शुरुआती जांच में बस कि फिटनेस न होने और तकनीकी खराबी का भी पता चला है। इसके साथ ही बस ओवरलोड भी थी।


हरिद्वार के कटेवड़ गांव से लैंसडौन के कांडा तल्ला जा रही बारात की बस मंगलवार को देर शाम गहरी खाई में समा गई थी। इस हादसे में 32 लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हैं। हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। हालांकि शुरुआती तौर पर बस हादसे की जो वजहें सामने आईं हैं उनमें सबसे बड़ी वजह बस की कमानी का पट्टा टूटा होना बताया जा रहा है।


हादसे में घायल लोगों की माने तो बस में शुरु से ही खराबी थी। हादसे की शिकार हुई बस के चालक पौड़ी के चौबट्टाखाल के रहने वाले दिनेश गुसाईं थे। दिनेश मंगलवार को बस लेकर कटेवड़ पहुंचे और वहां से बारात लेकर दोपहर 12 के आसपास पौड़ी के लिए रवाना हुई। ये दूरी तकरीबन 150 किलोमीटर के आसपास है।

28 सीटों वाली इस बस में कुल 52 लोग सवार हुए। ओवरलोडिंग के चलते कोटद्वार के 50 किमी आगे सिसल्डी में बस जवाब दे गई और खड़ी हो गई। ड्राइवर दिनेश ने देखा तो पता चला कमानी में खराबी है। दिनेश ने बारातियों को इस बात की जानकरी दी और नई बस मंगाने की बात कही। लेकिन बाराती ने बस को धीरे धीरे आगे बढ़ाने के लिए दबाव डाला। दिनेश बस को रिखणींखाल तक लेकर पहुंचे।

ये दूरी तकरीबन 25 किमी है। यहां बस फिर खड़ी हो गई। यहां दिनेश ने मैकेनिक तलाशने की भी कोशिश की लेकिन मिला नहीं। दिनेश ने फिर एक बार बारातियों से दूसरी बस मंगाने के लिए कहा लेकिन बाराती नहीं माने। बारातियों के दबाव में दिनेश बस को लेकर आगे बढ़े और तकरीबन 24 किमी जाते ही कांडा तल्ला से एक किमी पहले बस खाई में गिर गई।

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