‘एक तो बुझ गया घर का चिराग, ऊपर से मुकदमे की मार!’ इस ‘खौफनाक इंसाफ’ से कांप उठी रूह, जानिए थाने के बाहर क्या हुआ?
बेटे की मौत के बाद परिवार ने शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन, लेकिन न्याय की मांग करने पहुंचे परिजनों पर ही दर्ज हो गई FIR—अब उठ रहा सवाल, आखिर रंजीत की मौत के पीछे क्या है पूरी कहानी?
युवक की आत्महत्या के बाद शुरू हुआ विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। बेटे की मौत के बाद परिवार ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक के परिजनों समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के चलते मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर में युवक की आत्महत्या के बाद शुरू हुआ विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। बेटे की मौत के बाद परिवार ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक के परिजनों समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के चलते मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। वहीं, मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
फंदे से लटका मिला था रंजीत
फरीदपुर की आनंद बिहार कॉलोनी निवासी रामकुमार ने 28 अगस्त को पुलिस को सूचना दी थी कि उनके बेटे रंजीत ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरवाया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
शव लेकर थाने के सामने पहुंचे
पुलिस का आरोप है कि शव मिलने के बाद मृतक के परिजन और उनके साथ आए अन्य लोग शव को लेकर फरीदपुर थाने के मुख्य मार्ग पर पहुंच गए। यहां शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया गया। देखते ही देखते सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और आवागमन प्रभावित होने लगा। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास किया गया।
तीन नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ केस
मामले में कस्बा चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक जसवीर सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में बीसलपुर रोड निवासी रामकुमार, शाहजहांपुर के मीरानपुर कटरा क्षेत्र के रेहरा गांव निवासी रमेश और बरेली के भमोरा क्षेत्र के देवचरा गांव निवासी केसरी लाल को नामजद किया गया है। इनके अलावा प्रदर्शन में शामिल रहे अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक तरुण कुमार को दी गई है।
आरोपियों पर कार्रवाई नहीं, हमारे खिलाफ FIR क्यों?
मुकदमा दर्ज होने के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर ही सवाल खड़े कर दिए। उनका आरोप है कि रंजीत की मौत के मामले में जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही थी, पुलिस ने उन पर कार्रवाई करने के बजाय परिवार के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया। परिजनों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई से उन्हें न्याय मिलने के बजाय उल्टा परेशान किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आत्महत्या से प्रदर्शन और अब FIR तक पहुंचा मामला
रंजीत की आत्महत्या के बाद परिजनों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया, लेकिन प्रदर्शन के बाद पुलिस ने भी कार्रवाई का रास्ता पकड़ लिया। अब एक तरफ परिवार अपने आरोपों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है, तो दूसरी तरफ पुलिस ने सड़क पर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ऐसे में सवाल यही है कि रंजीत की मौत के पीछे आखिर क्या वजह थी और परिवार किसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा था।
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