वन भूमि पर बसी आबादी को बेदखल करने की साजिश बर्दास्त नहीं:नेगी

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बागजाला और सुल्तानपुरी गाँव में संगठन का पुर्नगठन

हलद्वानी skt. com

बागजाला में अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला का इकाई सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें गांव की किसान कमेटी का पुनर्गठन किया गया और कमेटी ने पुनः डॉ उर्मिला रैस्वाल को अध्यक्ष और वेद प्रकाश को सचिव चुना.

सम्मेलन का उद्घाटन अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने करते हुए कहा कि, राज्य में दशकों से वन भूमि पर बसी आबादी को भाजपा सरकार बेदखल करने की कोशिश कर रही है और उनके जीविका के मुख्य आधार कृषि और पशुपालन को सीमित करने के लिए किसान-पशुपालक विरोधी कॉरपोरट पक्षधर नीतियां लाद रही है. इसलिये वन भूमि पर बसी हुई आबादी को अपने मालिकाना अधिकार के लिए एकजुट होकर इस सरकार के विरुद्ध संयुक्त रूप से संघर्ष तेज करना आज की जरूरत है.

माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने कहा कि, उत्तराखण्ड की धामी सरकार राजस्व गांव के मुद्दे पर वादा करके लगातार विश्वासघात कर रही है. साथ ही बागजाला गांव में विकास कार्यों को रोककर जनता के नागरिकों अधिकारों का खुला उल्लंघन कर रही है.

सम्मेलन से पारित प्रमुख प्रस्ताव: भाजपा सरकार बिंदुखत्ता, बग्गा चौवन व बापू ग्राम की तर्ज़ पर बागजाला समेत सभी वन भूमि में बसे गांवों को भी भूमिधरी अधिकार दिए जाने के लिए मंत्रिमंडल की बैठक कर बनाई गई कमेटी में सम्मिलित कर विधानसभा चुनाव से पहले विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निर्वनीकरण का प्रस्ताव पारित कर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार को भेज राजस्व गांव बनाने का मार्ग प्रशस्त करे; बागजाला सहित वन क्षेत्र में बसे गांवों को फिर से पंचायत चुनाव में फिर से सम्मिलित करते हुए पंचायत चुनाव में भागीदारी करने का नागरिक अधिकार दिया जाए; बागजाला में जल जीवन मिशन द्वारा खोदी गई सड़कों व गांव के अन्दर अन्य टूटी सड़कों, रास्तों को शीघ्र गड्ढा मुक्त करने के लिए मरम्मत कार्य शुरू किया जाए; सरकार की अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ने के खिलाफ तथा दशकों से वन भूमि में रहने वालों को मालिकाना हक दिलाने के लिए भारतीय किसान महासभा अन्य जनसंगठनों, किसान संगठनों के साथ मिलकर मोर्चा निर्माण करेगी तथा शीघ्र ही भूमि अधिकार सम्मेलन करते हुए राज्य में वन या सरकारी भूमि में रहने वालों के मालिकाना हक के साथ पंचायत चुनावों में भागीदारी करने, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा की समुचित व्यवस्था करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन जनांदोलन शुरू किया जायेगा; और किसानों – मजदूरों व मेहनतकश नागरिकों के शोषण के लिए बनी जन विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष किया जायेगा; दशकों से अपने जीवन की कमाई लगाकर वन भूमि या सरकारी जमीनों में रहने वालों को सरकार द्वारा अतिक्रमण के नाम पर बिना अन्यत्र व्यवस्था किए उजाड़ने की जन विरोधी नीति का पुरजोर विरोध किया जायेगा.

सम्मेलन से 25 सदस्यीय परिषद का चुनाव किया गया जिसने 15 सदस्यीय कार्यकारिणी का चयन किया जिसमें अध्यक्ष -डॉ. उर्मिला रैस्वाल, उपाध्यक्ष – विमला देवी, सचिव – वेदप्रकाश, उप सचिव- दीवान सिंह बर्गली, कोषाध्यक्ष – मीना भट्ट, संगठन मंत्री – प्रेम सिंह नयाल, रईस अहमद, प्रचार मंत्री – पंकज चौहान चुने गए.

सम्मेलन का समापन अध्यक्ष डॉ. उर्मिला रैस्वाल ने बागजाला वासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष को तेज करने के आह्वान के साथ किया.

सम्मेलन के पर्यवेक्षक के रूप में किसान महासभा सुल्ताननगरी कमेटी के अध्यक्ष बची सिंह कपकोटी व दीवान राम मौजूद रहे. सम्मेलन में अखिल भारतीय किसान महासभा प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी, भाकपा माले जिला सचिव डा. कैलाश पाण्डेय, डॉ. उर्मिला रैस्वाल, विमला देवी, वेद प्रकाश, दीवान सिंह बर्गली, पंकज चौहान, मीना भट्ट, हेमा देवी, गणेश राम, मो सुलेमान मलिक, रेशमा, चंदन सिंह मटियाली, परवेज अंसारी, मोहन लाल, सुरेश चंद्र, महेन्द्र आर्या, हेमा आर्या, महेश चन्द्र, निर्मला देवी, ललित प्रसाद, आनन्द राम, रईस अहमद, ललित प्रसाद, महेशराम, शोभा, दिव्या आर्या, सुनीता देवी, दीवान राम, मोहन राम, महेन्द्र आर्य, दौलतसिंह कुंजवाल, चंदन सिंह मटियाली, निर्मला देवी, दिनेश चंद्र, उमा, जैबुननिसा, देवकी देवी, नसीम अहमद, दीपा आदि शामिल रहे.

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