ब्रेकिंग-रामनगर में ग्रामीणों ने खोला स्मार्ट मीटर के खिलाफ मोर्चा, सरकार पर लगाए उत्पीड़न करने के आरोप
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नैनीताल जिले के ग्रामीणों ने बिजली के स्मार्ट मीटरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस के पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत के नेतृत्व में ग्रामीण और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली के बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है और सरकार गरीबों पर बोझ डाल रही है.
रामनगर में ग्रामीणों ने खोला स्मार्ट मीटर के खिलाफ मोर्चा
नैनीताल जिले के रामनगर में बिजली के स्मार्ट मीटरों को लेकर विरोध तेज हो गया है. बीते मंगलवार को बेड़ाझाल गांव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सांसद अनिल बलूनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया.
बिजली बिल में हो रही वृद्धि
ग्रामीणों का आरोप है कि अडानी ग्रुप द्वारा लगाए जा रहे इन स्मार्ट मीटरों की रीडिंग असामान्य रूप से बढ़ रही है, जिससे उनके बिजली बिल में भारी वृद्धि हो रही है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारियों ने धमकी दी कि अगर मीटर नहीं लगाए गए तो बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा. डर के कारण कई ग्रामीणों ने मीटर तो लगवा लिए, लेकिन अब वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.
गरीबों का उत्पीड़न करने का लगाया आरोप
पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने सरकार पर गरीबों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के करोड़ों के कर्ज माफ कर रही है, लेकिन आम जनता से जबरन वसूली कर रही है. उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटरों की कीमत 25 हजार है और सरकार इसे ब्याज सहित वसूलने की योजना बना रही है. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विद्युत कार्यालय पहुंचकर भी हंगामा किया. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तुरंत स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को रोकने की मांग की है.
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