Hantavirus वाले जहाज पर दो भारतीय भी सवार, तीन डेड बॉडी, 28 देशों के 150 लोग फंसे

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कोरोना महामारी आज भी लोगों के लिए बुरे सपने जैसा है। इस महामारी से दुनियाभर में लाखों लोगों की जान गई थी। हालांकि कोरोना के बाद इस समय दुनिया में एक और वायरस की एंट्री (Hantavirus) हो चकुी है। इस बार ये कोई देश का मामला नहीं बल्कि समुद्र में मौजूद एक जहाज का है। इस जहाज में 28 देशों के 150 लोग फंसे है। अटलांटिक महासागर में फंसे क्रूज शिप में मौजूद लोगों में इस वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात तो ये है कि इस जहाज में दो भारतीय भी सवार थे।

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Hantavirus Cruise Ship पर दो भारतीय भी सवार

दरअसल अर्जेंटीना से अंटार्कटिका और फिर अटलांटिक महासागर के रास्ते लंबी यात्रा तय करने वाले एक क्रूज जहाज में हंता वायरस संक्रमण का मामला सामने आया है। कई हफ्तों तक ये शिप समुद्र में सफर करता रहा। इस शिप में क्रू सदस्यों में दो भारतीय भी शामिल हैं।

पांच वायरस की चपेट में

अब तक इस शिप में मौजूद पांच लोगों के इस वायरस की चपेट में आने की पुष्टि हो गई है। तो वहीं तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। जिसने इस मामले को और भी ज्यादा गंभीर बना दिया है।

ये लग्जरी क्रूज शिप Oceanwide Expeditions का है। 1 अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआइया (Ushuaia) से ये शिप रवाना हुआ था। जिसके बाद 10 मई को स्पेन के कैनरी आईलैंड में इसके पहुंचने की उम्मीद है।

23 देशों के 150 लोग फंसे

रिपोर्ट के मुताबिक क्रूज जब रवाना हुआ तो इसमें 28 देशों के लगभग 150 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। हालांकि 24 अप्रैल को दर्जनों लोग St Helena द्वीप पर उतर गए। बीबीसी की रिपोर्ट की माने तो 28 अलग-अलग देशों के लोगों में 38 फिलीपींस से, 31 यूनाइटेड किंगडम से, 23 अमेरिका, 16 नीदरलैंड, 14 स्पेन, नौ जर्मनी, छह कनाडा और दो क्रू सदस्य भारत से थे।

WHO ने की तीन लोगों की मौत की पुष्टि

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने भी बीते दिन गुरुवार को हंटावायरस के मामलों की पुष्टि की। संगठन ने आठ संदिग्ध मामलों में से पांच की पुष्टि की है। हंटावायरस से 69 वर्षीय डच महिला की इसी वायरस की चपेट में आने से मौत हो गई है। साथ ही उसके डच पति और एक जर्मन महिला की भी इस वायरस से मरने की पुष्टि हुई है।

WHO ने क्या कहा?

हालांकि यूनाइटेड नेशन्स की स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि इस वायरस का फैलना किसी महामारी की शुरुआत नहीं है। WHO में संक्रामक रोग महामारी विशेषज्ञ Maria van Kerkhove ने एक प्रेस ब्रीफिंग की। जिसमें उन्होंने बताया वर्तमान हालात छह साल पहले Covid-19 जैसे नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि हंटावायरस नजदीकी और सीधे संपर्क से फैलता है।

पहली बार इंसानों से इंसानों में फैल रहा वायरस

Van Kerkhove ने कहा, “यह Covid नहीं है, यह इन्फ्लूएंजा नहीं है, यह बहुत ही अलग तरीके से फैलता है। अधिकारियों ने MV Hondius पर सवार सभी लोगों से मास्क पहनने के लिए भी कहा था।” WHO की माने तो हंटावायरस अमुमन चूहों से फैलता है। लेकिन इस बार पहली बार ये देखा गया कि ये इंसानों से इंसानों में भी फैल रह है

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