पीलीभीत से 21.6 फुट लंबी बांसुरी आएगी Ayodhya, मुस्लिम परिवार ने किया तैयार, जानिए क्यों है ये खास

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श्रीरामलला प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में अपने-अपने जिले की प्रसिद्ध वस्तुओं को Ayodhya भेजा जा रहा है। इसी क्रम में पीलीभीत से 21.6 फुट लंबी बांसुरी को अयोध्या भेजा जाएगा। बांसुरी को वहां के संग्रहालय में रखा जाएगा। बांसुरी शहर के मशहूर कारीगर मरहूम नवाब अहमद की पत्नी हीना परवीन, उनके पुत्र अरमान नबी व उनके चाचा शमशाद ने साथियों के साथ तैयार किया है। उन्होनें बताया कि यह बांस वर्षों से किसी ऐतिहासिक क्षण के लिए रखा हुआ था।

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26 जनवरी को भेजेगी जाएगी Ayodhya
बता दें कि शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ब्रज प्रांत के प्रचारक हरीश रौतेला ने इस बांसुरी का पूजन किया। 26 जनवरी को यह बांसुरी अयोध्या धाम भेजी जाएगी। जहां इसे संग्रहालय में रखा जाएगा।


यह है बांसुरी की खासियत
बता दें कि मुस्लिम परिवार की तरफ से बनाई गई बांसुरी कुछ अलग है। परिवार के सदस्य अरमान ने बताया कि उनका बांसुरी बनाना खानदानी काम है। असम के जिस बांस से यह बांसुरी बनाई गई है वह करीब 20 साल पहले से रखा हुआ था। इस बांस को किसी विशेष प्रयोजन के लिए रखा गया था। 2021 में जब सबसे लंबी बांसुरी बनाई थी तब इसका प्रयोग करने जा रहे थे, लेकिन दूसरा बांस मिल गया तो इसे वापस उठाकर रख दिया था। उन्होनें कहा कि उन्होनें कभी सोचा नहीं था कि श्रीराम की नगरी के लिए इस बांस का प्रयोग होगा। बांस की खासियत यह है कि इसका व्यास यानी गोलाई 3.5 इंच है। इतनी गोलाई के बांस अब नहीं आते। बांसुरी बनाने में दस दिन लग गए। बांसुरी की खासियत यह है कि यह दोनों तरफ से बजाई जा सकती है।

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