हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के फोन टैपिंग मामले पर एसएसपी का बड़ा बयान

हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के फोन टैपिंग और सुरक्षा के आरोपों पर नैनीताल एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बड़ा बयान दिया है। जानें पुलिस जांच में क्या आया सामने।
हल्द्वानी। कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश द्वारा फोन टैपिंग और सुरक्षा को लेकर उठाए गए गंभीर मामलों पर पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने आ चुकी है। नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस इस संवेदनशील मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है। विधायक ने अपनी शिकायत में कुछ खास लोगों के नाम भी साझा किए थे, जिनकी पुलिस द्वारा पहले भी जांच कराई जा चुकी है।
एसएसपी के अनुसार, विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी पूर्व की शिकायत में विकास बिष्ट और आशीष कुंथल का नाम लिया था। इस मामले की जांच वर्ष 2025 में एलआईयू (LIU) के माध्यम से करवाई गई थी, जिसमें पुलिस को कोई भी ठोस सबूत हाथ नहीं लगा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विकास बिष्ट विधायक के सोशल मीडिया का कामकाज देखता था। इसके अलावा विधायक ने नोएडा की एक निजी तकनीकी कंपनी से भी अपना मोबाइल फोन चेक करवाया था।

प्रशासन ने अब इस मामले में संवाद और आगे की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया है। एसएसपी ने बताया कि हल्द्वानी पुलिस अब खुद कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश से बातचीत करेगी। इसके लिए एलआईयू, स्थानीय पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम विधायक से संपर्क कर मामले से जुड़े सभी जरूरी तथ्य और जानकारियां जुटाएगी। यदि विधायक की तरफ से कोई नए साक्ष्य या शिकायत पुलिस को सौंपी जाती है, तो मामले की नए सिरे से गहन जांच की जाएगी।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो पुलिस नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और हर किसी की निगाहें पुलिस और विधायक के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी हुई हैं
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