Petrol Diesel Price Today 21 July 2026: डीजल की कीमत में 5.71 रुपए की बढ़ोतरी, पेट्रोल के रेट में भी 35 पैसे की मामूली बढ़त, दाम सुनकर जनता बोली- अब नहीं आने वाले अच्छे दिन
बिजनेस: Petrol Diesel Price Today 21 July 2026: अमेरिका-ईरान के बीच फिर से पैदा हुई तनाव की स्थिति ने कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के बाद कच्चे तेल के दाम में फिर से तेजी देखने को मिल रही, जिसका असर घरेलू बाजार में दिखने लगा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल महंगा होने के बाद कई देशों में फिर से पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोतरी हो रही है। हालात को देखते हुए सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है। पेट्रोल-डीजल का नया रेट आज से ही लागू कर दिया गया है।
फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल
Petrol Diesel Price Today 21 July 2026: मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करने का आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 35 पैसे की बढ़ोतरी किया गया है। जबकि डीजल की कीमत में सीधे 5.71 रुपए बढ़ा दिया गया है। रेट बढ़ाए जाने के बाद अब पेट्रोल 315.80 रुपए प्रति लीटर हो गया है। जबकि एक लीटर डीजल के लिए उपभोक्ताओं को अब 360.06 रुपए का भुगतान करना होगा।
अमेरिका ईरान के बीच तनाव का दिखा असर
पेट्रोल-डीजल की कीमत को लेकर पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने घोषणा की थी कि ईरान और अमेरिका के बीच फिर से तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए अब ईंधन की कीमतें रोज़ाना तय की जाएंगी। सरकार मार्च की शुरुआत से ही ईंधन की कीमतों में साप्ताहिक बदलाव की घोषणा कर रही थी, साथ ही मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण तेल की आपूर्ति में संभावित रुकावट के बीच ईंधन बचाने के उपाय भी कर रही थी। संघीय सरकार ने अप्रैल में सब्सिडी वाला ईंधन उपलब्ध कराने के लिए खास राहत उपायों की भी घोषणा की थी।
ओगरा तय करेगी कीमत
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि कैबिनेट और प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों के आधार पर रोज़ाना ईंधन की कीमतें तय करने की ज़िम्मेदारी ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (Ogra) को सौंपने का फैसला किया है। रोज़ाना कीमत तय करने के फैसले को ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने खारिज कर दिया और कहा कि वे इस हफ़्ते विरोध-प्रदर्शन की योजना पर विचार करेंगे।
जनता की जेब पर पड़ रहा असर
बता दें कि पेट्रोल का इस्तेमाल मुख्य रूप से निजी वाहनों, छोटी गाड़ियों, रिक्शा और दोपहिया वाहनों में होता है, और इसकी कीमत में बदलाव से मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग पर असर पड़ता है। इसी तरह, डीजल की कीमतों में बदलाव का भी आम जनता पर असर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से भारी परिवहन क्षेत्र, बिजली संयंत्रों और बड़े जनरेटरों में होता है। पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) राजस्व के मुख्य स्रोत हैं, जिनकी मासिक बिक्री लगभग 700,000 से 800,000 टन है, जबकि केरोसिन की मासिक मांग केवल 10,000 टन है।
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