उत्तराखंड में भूकंप के तेज झटके से दहशत में आए लोग

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आज रविवार सुबह को उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया। दहशत के वजह से लोग घरों से बाहर निकलकर दौड़ पड़े। कहीं किसी नुकसान की फिलहाल कोई सूचना नहीं आई है। भूकंप के यह झटके राजधानी देहरादून, मसूरी से लेकर उत्तरकाशी तक महसूस किए गए। जिला मुख्यालय उत्तरकाशी सहित डुंडा भटवाड़ी बड़कोट नौगांव क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं, रुद्रप्रयाग में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।

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रविवार यानि 6 नवंबर की सुबह करीब आठ बजकर 33 मिनट तीन सेकेंड पर भूकंप का झटका महसूस किया गया। रिक्टर स्केल में इसकी तीव्रता 4.5 थी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का आक्षांस 30.67 और देशांतर 78.60 था साथ ही इसका केंद्र जमीन के भीतर करीब पांच किलोमीटर था। जो उत्तरकाशी के चिन्यालीसौंड से करीब 35 किमी दूर टिहरी जिले में बताया जा रहा है।


देखा जाए तो उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। राज्य के अति संवेदनशील जोन पांच की बात करें इसमें रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी जिले आते हैं। जबकि ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, चंपावत, हरिद्वार, पौड़ी व अल्मोड़ा जोन चार में हैं वहीं देहरादून व टिहरी दोनों जोन में आते हैं।


दो बड़े भूकंप ने उत्तराखंड में मचाई थी तबाही
उत्तराखंड के उत्तरकाशी और चमोली जिले में दो बड़े भूकंप आ चुके हैं। उत्तरकाशी में 20 अक्टूबर 1991 को 6.6 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप में उस समय हजारों लोगों की मौत हुई थी। साथ ही संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा था। दूसरा भूकंप 29 मार्च 1999 में चमोली जिले में उत्तराखंड का दूसरा बड़ा भूकंप आया था। देश के उत्तर प्रदेश (अब उत्तराखंड) राज्य में आया यह भूकंप हिमालय की तलहटियों में 90 वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप था। इस भूकंप में 103 लोग मारे गए थे।


भूकंप आने के कारण
भू-वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले चार सालों में मेन सेंट्रल थ्रस्ट पर 71 से ज्यादा बार भूकंप के झटके आ चुके हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह क्षेत्र कितना सक्रिय है। उनके अनुसार छोटे-छोटे भूकंप के झटके बड़े झटकों की संभावनाओं को रोक देते है। मेन सेंट्रल थ्रस्ट के रूप में जाने जानी वाली दरार 2500 किमी लंबी और कई भागों में विभाजित है। इंडियन और एशियन प्लेट के बीच दबाव टकराने और घर्षण से भूकंप की घटना होती है।

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