क्या सच में होने वाली है कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में घरवापसी, राहुल गांधी के एक बयान ने हिला दी पंजाब की सियासत
पंजाब की राजनीति के गलियारों में इन दिनों एक बड़ी चर्चा तेजी से चल रही है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह एक बार फिर अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।
साल 2021 में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से वैचारिक मतभेदों और अंदरूनी कलह के चलते पार्टी छोड़ने वाले अमरिंदर सिंह को लेकर ये कयास तब और तेज हो गए जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से उनकी जमकर तारीफ की और उन्हें भाजपा में अपना पसंदीदा नेता बताया।
राहुल गांधी के बयान से क्यों गरमाई पंजाब की सियासत
यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक प्रश्न-उत्तर सत्र के दौरान राहुल गांधी से यह पूछा गया कि भाजपा में उनका पसंदीदा राजनेता कौन है। इस सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने बिना किसी झिझक के कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिया और उन्हें एक शानदार इंसान तथा सैन्य इतिहास का विशेषज्ञ बताया। राहुल गांधी ने वीडियो में बेहद आत्मीयता से कहा, “कैप्टन अमरिंदर सिंह, बिल्कुल।
मेरी उनसे अच्छी बनती है, वो शानदार हैं और सैन्य इतिहास के विशेषज्ञ हैं, इसलिए मैं उन्हें बहुत पसंद करता हूं।” इस बयान के सामने आने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी यह स्पष्ट किया कि भले ही वह वर्तमान में भाजपा के प्रति प्रतिबद्ध हैं, लेकिन सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध हमेशा से मधुर रहे हैं और आगे भी बने रहेंगे।
कांग्रेस से नाता टूटने और भाजपा तक का सफर
बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब में कांग्रेस के सबसे कद्दावर और प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में ही कांग्रेस ने साल 2017 के शानदार विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत हासिल की थी और वह दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि, साल 2021 में पार्टी के भीतर चल रही तीव्र खींचतान और आंतरिक कलह के कारण उन्होंने अचानक मुख्यमंत्री पद और कांग्रेस पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी एक नई पार्टी ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ (PLC) का गठन किया, लेकिन साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में पार्टी को कोई खास सफलता नहीं मिली और एक भी सीट न जीत पाने के कारण उन्होंने अंततः अपनी पार्टी का विलय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में कर दिया था।
क्या अमरिंदर सिंह की वापसी से कांग्रेस को मिलेगा फायदा
आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को अब ज्यादा समय नहीं बचा है, ऐसे में कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में वापसी की चर्चाओं ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या उनकी वापसी से वास्तव में कांग्रेस पार्टी को कोई राजनीतिक लाभ मिलेगा, क्योंकि पंजाब कांग्रेस पहले से ही आंतरिक गुटबाजी और कलह से जूझ रही है।
पार्टी के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और मौजूदा राज्य इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के बीच वर्चस्व की जंग किसी से छिपी नहीं है। इसके अलावा, यदि कैप्टन की वापसी होती भी है, तो पार्टी में उन्हें क्या बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी, इसको लेकर अब तक कोई स्पष्टता नहीं है। राजनीतिक जानकारों का एक धड़ा यह मानता है कि इससे पार्टी की आपसी फूट और अधिक बढ़ सकती है, जबकि दूसरा धड़ा यह भी मानता है कि 2027 के चुनावों से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह का लंबा प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव पार्टी के लिए बेहद मददगार साबित हो सकता है।
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