आधार कार्ड में जन्मतिथि गलत है? सुधार कराने के लिए जानें कौन-से दस्तावेज स्वीकार किए जाते हैं
आधार कार्ड आज पहचान का सबसे अहम दस्तावेज बन चुका है। बैंक खाता खोलने से लेकर सरकारी योजना का लाभ लेने तक, हर जगह आधार की जानकारी मांगी जाती है। ऐसे में अगर आधार में जन्मतिथि गलत दर्ज हो जाए, तो कई काम अटक सकते हैं। पेंशन, छात्रवृत्ति, नौकरी के दस्तावेज और बैंक के काम में जन्मतिथि का मिलान जरूरी होता है, इसलिए इस गलती को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। अच्छी बात यह है कि जन्मतिथि का सुधार कराया जा सकता है, बस सही प्रक्रिया और सही दस्तावेजों की जानकारी होना जरूरी है।
सुधार कहां और कैसे कराएं
आधार में जन्मतिथि सुधारने के लिए आमतौर पर आधार सेवा केंद्र जाना होता है। वहां बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ सुधार का अनुरोध दर्ज किया जाता है। ऑनलाइन माध्यम से हर तरह का सुधार संभव नहीं होता, इसलिए यह जानना जरूरी है कि आपकी स्थिति में कौन-सा माध्यम लागू होगा। सेवा केंद्र पर जाने से पहले अपने सभी मूल दस्तावेज साथ रखें और उनकी एक छायाप्रति भी तैयार रखें। सुधार का अनुरोध दर्ज होने के बाद आपको एक पावती मिलती है, जिसे संभालकर रखना चाहिए। इसी पावती से बाद में सुधार की स्थिति की जांच की जा सकती है।
सुधार कराते समय यह ध्यान रखें कि दर्ज की जाने वाली जन्मतिथि दस्तावेजों में लिखी तारीख से पूरी तरह मेल खाए। आधी-अधूरी जानकारी देने से अनुरोध खारिज हो सकता है और दोबारा प्रक्रिया करनी पड़ सकती है। इसलिए फॉर्म भरते समय हर अक्षर और अंक ध्यान से जांचें। अगर नाम या अन्य जानकारी में भी गलती है, तो उसे भी उसी समय ठीक कराने के बारे में पूछ लें, ताकि बार-बार केंद्र के चक्कर न लगाने पड़ें।
कौन-से दस्तावेज स्वीकार किए जा सकते हैं
जन्मतिथि सुधार के लिए ऐसा दस्तावेज चाहिए जिसमें आपकी सही जन्मतिथि दर्ज हो। सामान्य तौर पर जन्म प्रमाण पत्र सबसे मजबूत प्रमाण माना जाता है। इसके अलावा स्कूल का प्रमाण पत्र, पासपोर्ट या ऐसा सरकारी दस्तावेज भी काम आ सकता है जिसमें जन्मतिथि स्पष्ट रूप से लिखी हो। दस्तावेज की श्रेणी और स्वीकार्यता समय-समय पर तय दिशा-निर्देशों पर निर्भर करती है, इसलिए सेवा केंद्र पर जाने से पहले वर्तमान सूची की जांच कर लेना समझदारी है।
दस्तावेज जमा करते समय यह सुनिश्चित करें कि वह मूल रूप में हो और उस पर नाम व जन्मतिथि साफ-साफ पढ़ी जा सके। फटा हुआ, धुंधला या अधूरा दस्तावेज परेशानी बढ़ा सकता है। अगर आपके पास एक से अधिक दस्तावेज हैं, तो सबसे मजबूत और सरकारी दस्तावेज को प्राथमिकता दें। किसी दलाल या बिचौलिए के झांसे में न आएं, क्योंकि आधार सुधार की प्रक्रिया सीधी है और इसके लिए किसी अतिरिक्त व्यक्ति की जरूरत नहीं होती।
सुधार के बाद क्या जांचें
सुधार का अनुरोध स्वीकार होने के बाद कुछ समय में नई जानकारी अपडेट हो जाती है। इसके बाद नया आधार विवरण डाउनलोड करके यह जरूर जांच लें कि जन्मतिथि सही दर्ज हुई है या नहीं। अगर फिर भी गलती दिखे, तो पावती के साथ दोबारा सेवा केंद्र से संपर्क करें। केवल आधार ठीक करा लेना काफी नहीं है, बल्कि उन जगहों पर भी जानकारी अपडेट कराना जरूरी है जहां पुरानी जन्मतिथि दर्ज थी। बैंक, पेंशन कार्यालय या योजना के रिकॉर्ड में अलग-अलग तारीख होने से भविष्य में फिर दिक्कत आ सकती है।
इसलिए सुधार के बाद अपने सभी जरूरी खातों और योजनाओं में जन्मतिथि का मिलान एक-एक करके करा लें। यह काम थोड़ा समय ले सकता है, लेकिन भविष्य की बड़ी परेशानी से बचा सकता है। सरकारी कामों में जानकारी का एक समान होना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
कुल मिलाकर, आधार में जन्मतिथि की गलती को जल्दी ठीक कराना समझदारी है। सही दस्तावेज साथ रखें, सेवा केंद्र पर सही जानकारी दें और अपडेट के बाद जांच जरूर करें।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 सच की तोप व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें


