पाकिस्तान से 2 करोड़ का कनेक्शन…’ मुरादाबाद में बुजुर्ग दंपती 4 दिन रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’, ऐसे गंवाए 27 लाख

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मुरादाबाद में साइबर ठगों ने एक सेवानिवृत्त एलआईसी अधिकारी और उनकी पत्नी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। पाकिस्तान से 2 …और पढ़ें

एआई इमेज है।
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मुरादाबाद। रामगंगा विहार निवासी सेवानिवृत्त एलआइसी अफसर और उनकी पत्नी के खातों में पाकिस्तान से दो करोड़ रुपये का लेनदेन होने की बात कहते हुए साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर लिया। चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और अलग-अलग बैंक खातों में 27 लाख रुपये ठगों ने अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।

ठगों का मोबाइल बंद होने के बाद दंपती ने अपनी बेटी को मामले की जानकारी हुई। तब उन्हें ठगी होने के बारे में पता चला। साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

सिविल लाइंस के रामगंगा विहार निवासी 73 वर्षीय बुजुर्ग 13 साल पहले एलआइसी में मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी और एक बेटी रामगंगा विहार जबकि दूसरी बेटी काशीपुर में रहती हैं।

उन्होंने साइबर पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 28 अगस्त को उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले पहले सेवानिवृत्त मैनेजर से नाम पूछा और बताया कि आपका पाकिस्तान के लोगों से क्या संपर्क है।

मैनेजर ने किसी भी संपर्क होने से इन्कार किया तो वह धमकाते हुए कहता कि मैं मुंबई क्राइम ब्रांच से एसीपी बोल रहा है। आपके आधार नंबर से मुंबई स्थित ब्रांच में खाता खोला गया है। इस खाते में पाकिस्तान से दो करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।

यह सुनकर सेवानिवृत्त मैनेजर परेशान हो गए। बातों-बातों में ही ठग ने यह पता कर लिया कि मकान में बुजुर्ग दंपती ही रहते हैं। ऐसे में उसका रास्ता साफ हो गया और उसने वीडियो काल करने के लिए कहा।

ठग ने कुछ देर बाद ही उनकी पत्नी का मोबाइल नंबर लेकर वीडियो काल की और पति पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। वीडियो में आरोपित और उसके साथी वर्दी में दिखाई दे रहे थे। सामने क्राइम ब्रांच का आफिस भी दिख रहा था। सामने फाइलें रखी थी।

लोग अपनी शिकायतें लेकर आ रहे थे। कुछ पुलिस कर्मी कुछ लोगों से पूछताछ भी कर रहे थे। ऐसे में दंपती को विश्वास हो गया कि यह पुलिस अधिकारी है। ठगों ने दंपती को धमकाते हुए केस से बचाने के नाम पर 50 लाख रुपये मांगने शुरू कर दिए।

जब दंपती ने अपनी बेटियों से बात करके रुपये दिलाने की बात कही तो ठग ने उनसे कहा कि अगर किसी से बात की तो कार्रवाई निश्चित होगी और डांट दिया। इसके बाद बुजुर्ग ने ठगों को बताया कि बैंक में उनकी एफडी है।

ठगों ने कहा कि वह बैंक जाएं तो मोबाइल जेब में रख कर ले जाएं। किसी को कुछ नहीं बताएं। मंगलवार को बुजुर्ग महाराष्ट्र बैंक की शाखा पहुंचे और उन्होंने अपनी 27 लाख रुपये की एफडी तुड़वाकर ठग के बताए खाते में आरटीजीएस करा दिए।

घर लौटने पर मोबाइल अचानक बंद हुआ तो रामगंगा विहार में रहने वाले अपनी बेटी और दामाद को घटना की जानकारी दी। इसके बाद बेटी और दामाद आ गए।

ठगों ने चार दिन तक दंपती को डिजिटल अरेस्ट रखा। एसपी क्राइम सुभाषचंद्र गंगवार ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर साइबर थाने की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस टीम पूरे मामले की जांच में लगी है।

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