कांग्रेस नेता का बेटा 4.30 लाख के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार, चुनाव में खपाने की थी तैयारी |
Congress leader’s son arrested with fake currency worth Rs 4.30 lakh, planned to be used in civic elections
कांग्रेस नेता का बेटा 4.30 लाख के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार, निकाय चुनाव में खपाने की थी तैयारी
अंतरराज्यीय जाली नोट तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता आरसी चौधरी के बेटे साहिल चौधरी को तीन अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया है।
जयपुर ! पुलिस की स्पेशल टीम (CST) और बजाज नगर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अंतरराज्यीय जाली नोट तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता आरसी चौधरी के बेटे साहिल चौधरी को तीन अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। शुक्रवार देर रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर में लग्जरी गाड़ियों के जरिए नकली नोटों की बड़ी खेप लाई जा रही है। इस पर पुलिस ने सघन नाकाबंदी कर एक फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो गाड़ी को रुकवाकर तलाशी ली। इस दौरान आरोपियों के कब्जे से 500-500 रुपये के कुल 861 जाली नोट बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत 4 लाख 30 हजार 500 रुपये है। पुलिस ने मौके से साहिल चौधरी (निवासी सीकर/फतेहपुर, हाल जयपुर) के साथ हरियाणा के रोहतक निवासी तीन अन्य आरोपियों अंशुल, प्रियांशु और आकाश को तुरंत हिरासत में ले लिया।
स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने प्रेसवार्ता कर इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया कि इन नकली नोटों की प्रिंटिंग बांग्लादेश की राजधानी ढाका में की गई थी। वहां से अवैध रास्तों के जरिए नोटों की खेप को पहले पश्चिम बंगाल लाया गया और फिर कोलकाता से हरियाणा के रोहतक होते हुए इस खेप को जयपुर तक पहुंचाया गया। गिरोह का मुख्य सरगना रोहतक निवासी अमन राणा बताया जा रहा है, जो फिलहाल कोलकाता और बांग्लादेश के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। पुलिस पूछताछ में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि यह गिरोह ‘1 लाख रुपये के असली नोट के बदले 5 लाख रुपये के नकली नोट’ देने की डील पर काम कर रहा था। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के अनुसार, जाली नोटों की इस बड़ी सप्लाई को राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनाव 2026 के दौरान बाजार और चुनावी गतिविधियों में खपाने की तैयारी थी। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि चुनाव के दौरान ये नोट किन-किन नेताओं, स्थानीय एजेंटों या व्यवसायियों तक पहुंचाए जाने थे। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता के बेटे का नाम इस रैकेट में आने के बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गरमा गया है।
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