तीन बजे घर आना बना जानलेवा, ‘ड्यूटी से अगर पांच बजे आता तो जिंदा रहता…’ यह कहकर पत्नी ने आशिक संग मिलकर पति को मार डाला
एनसीएल बीना में कार्यरत रमाशंकर मिश्रा की उनकी पत्नी प्रियंका और उसके प्रेमी विकास चौहान ने हत्या कर दी। पति …और पढ़ें
मुलरूप से मध्य प्रदेश के रीवा जिला स्थित बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के बेलवा बड़गैय्यान निवासी रमाशंकर मिश्रा पुत्र द्वारिका प्रसाद मिश्रा शक्तिनगर थाना क्षेत्र के एनसीएल बीना में बतौर सीनियर ओवरमैन पद पर कार्यरत थे। उनकी ड्यूटी शाम लगभग चार बजे समाप्त होती थी और वे पांच बजे तक एनसीएल बीना कालोनी के बी-264 आवास में आते थे।
लेकिन नियति उनसे रूठ गई और वे 22 अगस्त को घर जल्दी आ गए। शनिवार होने की वजह से उनकी ड्यूटी जल्दी खत्म हो गई और वे शाम तीन बजे ही घर पहुंच गए, लेकिन यहां की गतिविधि देखकर उनके होश उड़ गए। कारण कि उनकी 35 वर्षीय पत्नी प्रियंका मिश्रा अपने आशिक विकास चौहान के साथ आपत्तिजनक स्थिति में थी।
बीते दिनों प्रियंका ने जब अपने पति को आया देखा तो बोली, ‘तू अगर पांच बजे आता तो जिंदा रहता, लेकिन आज तीन बजे ही आ गया… अब तेरे 3 तो बजाने ही होंगे। यह कहते हुए पत्नी अपने आशिक के साथ मिलकर रामयश का गला दबाकर और पत्थर के फर्श पर सिर पटक बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को सड़क किनारे रखा और उसे वाहन से चोट पहुंचाने का प्रयास किया। उसकी कार से दो बार कुचला थी। लाश को लगभग 12 घंटे तक घर में ही रखा था।
वहीं रमाशंकर की दोनों बेटियां इस घटना को देखती रहीं। आरोप तो यह भी लग रहा है के दोनों बेटियों को भी हमेशा डराकर रखा जाता था। रमाशंकर के पिता का आरोप है कि इस घटना के अप्रत्यक्ष रूप से बहू के माता-पिता व उसकी बड़ी की भी मिलीभगत है। वहीं कालोनी के लोगों का कहना है कि पति के ड्यूटी जाने के बाद महिला अक्सर ही अपने आशिक को बुला लेती थी।
हत्या के बाद शव को ठिकाने के लिए अन्य आशिकों का भी सहारा लिया गया। उनको लाश ठिकाने लगाने एवं दुर्घटना सिद्ध करने पर रमाशंकर के बीमे या अन्य फंड में से उनको भी हिस्सा दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि एनसीएल की ओर से करोड़ों रुपये फंड मिलने की संभावना है, जिसपर कई लोगों की नजर है।
मृतक के पिता का यह भी आरोप है कि कुछ लोग उनके बेटे की जगह मृतक आश्रित की नौकरी, जमीन-जायदाद हड़पने के लिए तरह-तरह के हथकंड अपना रहे हैं। अब अरोपित पकड़े जा चुके हैं मगर वारदात की कड़ियां और नए तथ्यों के सामने आने के बाद से ही यह घटनाक्रम वायरल हो रहा है।
यू हैं घटनाक्रम
- 22 अगस्त 2026 को एनसीएल बीना में सीनियर ओवरमैन के पद पर कार्यरत रमाशंकर मिश्रा पुत्र रामयश मिश्रा, निवासी B-264, बीना कालोनी, थाना शक्तिनगर, जनपद सोनभद्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई। प्रारंभिक रूप से घटना सड़क दुर्घटना प्रतीत हुई।
- घटनास्थल के निरीक्षण में घटना संदिग्ध पाई गई। मृतक की मोटरसाइकिल/वाहन की स्थिति, शव की स्थिति, जूतों का अलग-अलग स्थान पर मिलना तथा सिर में चोट आदि परिस्थितियों से घटना के वास्तविक कारणों की गहन जांच प्रारंभ की गई।
- घटना के संबंध में मृतक के पिता रामयश मिश्रा पुत्र द्वारिका प्रसाद मिश्रा, निवासी ग्राम बेलवा बड़गैय्यान, थाना बैकुंठपुर, जिला रीवा, मध्य प्रदेश की तहरीर के आधार पर थाना शक्तिनगर पर मुकदमा अपराध संख्या 162/2026, धारा 103(2)/238 बीएनएस पंजीकृत किया गया।
- विवेचना के दौरान मृतक की पत्नी प्रियंका मिश्रा, उम्र लगभग 35 वर्ष के विकास चौहान के साथ काफी समय से प्रेम-प्रसंग होने की जानकारी प्रकाश में आई। घटना के दिन मृतक द्वारा दोनों को घर पर देख लिए जाने के बाद विवाद उत्पन्न हुआ।
- पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों से प्रकाश में आया कि विवाद के दौरान प्रियंका मिश्रा एवं विकास चौहान द्वारा रमाशंकर मिश्रा का गला दबाकर तथा जमीन पर पटक-पटककर सिर में चोट पहुंचाकर हत्या कर दी गई।
- हत्या के बाद घटना को छिपाने के उद्देश्य से शव को लगभग 12 घंटे तक आवास के अंदर छिपाकर रखा गया तथा बाद में रात में शव को चादर एवं गमछे में लपेटकर बाहर ले जाया गया।
- घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए विकास चौहान द्वारा अपने सहयोगी अनुराग सिंह उर्फ बादल पुत्र ध्रुव कुमार सिंह एवं सोनू गुप्ता पुत्र सुभाष गुप्ता के सहयोग से शव को सड़क पर लिटाया गया तथा वाहन से चोट पहुंचाकर दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया। कार दो बार शव पर ही आगे-पीछे किया गया। इसके पीछे दुर्घटना/बीमा आदि से संबंधित आर्थिक लाभ प्राप्त करने की मंशा भी जांच में प्रकाश में आई।
- घटना के अनावरण हेतु मृतक एवं संदेहित व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों की काल डिटेल एवं लोकेशन का परीक्षण, घटनास्थल के भौतिक साक्ष्यों एवं अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया गया, जिससे घटना की कड़ियां आपस में जुड़ती गईं।
- पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा पंजीकृत होने के 24 घंटे के अंदर ही घटना का सफल अनावरण कर वास्तविक तथ्यों का खुलासा किया गया तथा घटना में संलिप्त प्रियंका मिश्रा, विकास चौहान, अनुराग सिंह उर्फ बादल एवं सोनू गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई।
- अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त/संबंधित एक अदद ब्रेजा कार संख्या UP 64 AZ 75-66, तथा शव को लपेटने में प्रयुक्त एक अदद डबल बेड की चादर एवं दो अदद गमछे बरामद किए गए। बरामदगी के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई।
- उक्त घटना से क्षेत्रीय जनता एवं एनसीएल के अधिकारियों/कर्मचारियों में काफी आक्रोश एवं चिंता व्याप्त थी तथा सभी लोग घटना के वास्तविक अनावरण की प्रतीक्षा कर रहे थे। थाना शक्तिनगर पुलिस द्वारा मात्र 24 घंटे के अंदर घटना का सफल अनावरण किए जाने से क्षेत्र में पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही की सराहना की जा रही है।
- थाना शक्तिनगर पुलिस द्वारा उपलब्ध चिकित्सीय, तकनीकी, भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना का सफल अनावरण किया गया है। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है।
ये खा रहे हैं जेल की हवा
- प्रियंका मिश्रा, पत्नी स्वर्गीय रमाशंकर मिश्रा, उम्र लगभग 35 वर्ष, निवासी B-264, बीना कालोनी, थाना शक्तिनगर, जनपद सोनभद्र।
- विकास चौहान पुत्र यदुनंदन चौहान, उम्र लगभग 25 वर्ष, निवासी EM-10, बीना कालोनी, थाना शक्तिनगर, जनपद सोनभद्र।
- अनुराग सिंह उर्फ बादल पुत्र ध्रुव कुमार सिंह, उम्र लगभग 18 वर्ष, निवासी M-246, बीना कालोनी, थाना शक्तिनगर, जनपद सोनभद्र।
- सोनू गुप्ता पुत्र सुभाष गुप्ता, निवासी जमशीला, थाना शक्तिनगर, जनपद सोनभद्र।
पुलिस की टीम ने बताई घटना
सत्येन्द्र कुमार राय, प्रभारी निरीक्षक, थाना शक्तिनगर सहित उपनिरीक्षक अजय कुमार श्रीवास्तव, प्रभारी चौकी बीना और कांस्टेबल सत्यम सरोज, अरुण कुमार, अमन सिंह व अमृत लाल की टीम ने मामले की जांच की और तार जोड़े तो प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया। जांच के हत्या की वजह और पूरा साजिश सामने आने के बाद आरोपितों को पकड़ा गया है।
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