मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बांटे अपने मंत्रियों को विभाग कांग्रेस अभी तय नहीं कर पाई नेता प्रतिपक्ष का नाम

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देहरादून एसकेटी डॉट कॉम

पहले दिन विधानसभा का सत्र मंत्रियों का बिना विभागों के साथ चला वही कांग्रेश भी बिना नेता प्रतिपक्ष के सदन में मुद्दे उठाती है ही पहले दिन जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 21000 करोड़ से अधिक का लेखानुदान प्रस्तुत किया वहीं कांग्रेसियों ने महंगाई गैस व पेट्रोल के दामों को लेकर अपना ध्यान आकर्षित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर शाम अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को उनके विभाग आवंटित कर दिए अब दूसरे दिन मंत्री अपने विभागों की जानकारी के साथ सदन में आएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पास मंत्रिपरिषद भ्रष्टाचार निवारण ग्रह आयुष गोपन आबकारी समेत 18 विभाग रखे हैं ।

जबकि वरिष्ठ मंत्री सतपाल महाराज को पिछली बार की तरह ही लोक निर्माण विभाग सिंचाई लघु सिंचाई संस्कृति पर्यटन तीर्थाटन जलागम समेत भारी भरकम 10 विभाग दिए हैं। धानी सरकार में सतपाल महाराज के पास सबसे अधिक विभाग हैं।

प्रेमचंद अग्रवाल को वित्त संसदीय विदाई भाषा पुनर्गठन जनसंख्या समेत 6 विभाग आवंटित किए हैं। धन सिंह रावत को बेसिक शिक्षा माध्यमिक शिक्षा स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा सहकारिता समेत 10 विभाग आवंटित किए हैं।

सुबोध उनियाल को कृषि कृषक विकास कल्याण उद्यान रेशम विभाग सैनिक कल्याण समेत4 विभाग दिए हैं। रेखा आर्य को महिला सशक्तिकरण बाल विकास खेल समेत खाद्य नागरिक आपूर्ति समेत छह विभाग दिए। चंदन राम दास को समाज कल्याण परिवहन अनुसूचित विकास खादी ग्रामोद्योग समेत 6 विभाग दिए वही युवा मंत्री के रूप में शामिल किए गए सौरव बहुगुणा को पशुपालन गन्ना विकास मत्स्य पालन समेत 4 विभाग होते हैं। कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष को लेकर अभी उहापोह की स्थिति बनी हुई है कॉन्गस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से संभवत है आज किसी नाम की घोषणा की जाएगी कांग्रेसमें हरीश धामी मदन सिंह बिष्ट नए नाम बनकर उभरे हैं और स्टाफ वह प्रीतम सिंह का नाम रेस में सबसे आगे बताया जा रहा है कांग्रेस इस बार अध्यक्ष के रूप में गणेश गोदियाल को दोबारा मौका देती है या नहीं यह भी देखने की बात है अगर गणेश गोदियाल को बनाए रखा जा सकता है तो निश्चित रूप से नेता प्रतिपक्ष कुमाऊं से बन सकता है ऐसे में युवा चेहरे के रूप में हरीश धामी मदन बिष्ट का नाम आगे आ सकता है वही यशपाल आर्य का नाम भी बड़ा है कांग्रेश उनके नाम पर भी सहमति जता सकती है आखिर उनके पास काफी बड़ा अनुभव है और दलित चेहरे के रूप में उनकी पूरे प्रदेश में स्वीकृति है। अगर गणेश गोदियाल को दोबारा मौका नहीं मिलता है तो निश्चित रूप से 2 नाम आगे माने जा रहे हैं जिनमें प्रीतम सिंह और बद्रीनाथ से विधायक राजेंद्र सिंह भंडारी का नाम प्रमुख तौर पर है अगर पिछली बार के दोनों पदों घर बैठे लोगों को मौका नहीं दिया जाता है नए लोगों को मौका दिया जाता है तो निश्चित रूप से इस बार परिवर्तन होगा और दो नए चेहरे भी सामने आ सकते हैं सूत्रों के अनुसार गढ़वाल से किसी राजपूत चेहरे को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है तो वही कुमाऊ से किसी ब्राह्मण चेहरे को अध्यक्ष बनाया जा सकता है वही कांग्रेस अपने परंपरागत वोटरों को अपने साथ बांधे रखने के लिए यशपाल आर्य का नाम भी बढ़ा सकते हैं। नेता प्रतिपक्ष के तौर पर यशपाल का अनुभव पार्टी के काम आ सकता है यशपल का अनुभव

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