2027 चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक उलटफेर: NDA सहयोगी JDU का ऐलान, ‘नीतीश मॉडल’ के सहारे विधानसभा चुनाव मैदान में उतरेगी पार्टी

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विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU ने चुनाव लड़ने का बड़ा आधिकारिक ऐलान करके सबको चौंका दिया है। रविवार को वाराणसी के रोहनिया विधानसभा क्षेत्र स्थित कोरौता बाजार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी 2027 में उत्तर प्रदेश की चुनावी लड़ाई में मजबूती से उतरेगी।

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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU ने यूपी चुनाव लड़ने का बड़ा आधिकारिक ऐलान करके सबको चौंका दिया है। रविवार को वाराणसी के रोहनिया विधानसभा क्षेत्र स्थित कोरौता बाजार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी 2027 में उत्तर प्रदेश की चुनावी लड़ाई में मजबूती से उतरेगी।

जब दिल्ली और बिहार में पार्टनर हैं तो यूपी में क्यों नहीं?

कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए निशांत कुमार ने गठबंधन के गणित को खुलकर सामने रखा। उन्होंने कहा कि JDU पहले भी वर्ष 2002 और 2007 में उत्तर प्रदेश के चुनावी मैदान में उतर चुकी है। जब पार्टी दिल्ली और बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन में है, तो यूपी में भी एनडीए (NDA) के घटक दल के रूप में ही चुनाव लड़ेगी। उन्होंने ऐलान किया कि वे अब लगातार उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे और राज्य में JDU का विस्तार करेंगे। JDU अध्यक्ष संजय झा ने भी कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश में सीटों के समीकरण और दावों को लेकर अपने स्थानीय व केंद्रीय नेताओं के साथ गहन मंथन कर रही है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में भी लागू होगा ‘नीतीश मॉडल’, शिक्षा और रोजगार पर जोर

सम्मेलन के दौरान JDU नेतृत्व ने पूरे राज्य में ‘नीतीश मॉडल’ की जोरदार वकालत की। निशांत कुमार ने कहा कि बिहार में शिक्षा, रोजगार, ढांचागत बदलाव और शराबबंदी को लेकर जो ऐतिहासिक काम हुआ है, वही मॉडल उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए भी जरूरी है। संजय झा ने भी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए कहा कि यदि बिहार जैसे राज्य में विकास का बड़ा चमत्कार हो सकता है, तो उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार को ‘नीतीश मॉडल’ के जरिए और अधिक तेज किया जा सकता है।

कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान उड़े 500-500 के नोट, चर्चाओं का बाजार गर्म

वाराणसी में आयोजित इस राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान एक विवादस्पद नजारा भी देखने को मिला, जब मंच पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं द्वारा 500-500 रुपये के नोट उड़ाए गए। जिस वक्त मंच पर नोट उड़ाए जाने की घटना हुई, उस समय JDU के यूपी प्रभारी और बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री श्रवण कुमार मंच पर ही मौजूद थे। हालांकि, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और निशांत कुमार उस समय मंच पर मौजूद नहीं थे। इस घटना का वीडियो और खबरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी खूब चर्चा हो रही है।

कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में दर्जनों लोगों ने थामा JDU का दामन

वाराणसी का यह कार्यकर्ता सम्मेलन JDU के लिए संगठन विस्तार की दृष्टि से काफी अहम साबित हुआ। इस सम्मेलन में JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, बिहार के कैबिनेट मंत्री व यूपी प्रभारी श्रवण कुमार और मंत्री जमा खान समेत पार्टी के कई बड़े चेहरे शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में प्रदेश के कई दर्जन स्थानीय नेताओं ने जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता ग्रहण की, जिससे पूर्वांचल के इलाकों में पार्टी को नया आधार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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